वॉशिंगटन डीसी/तेहरान। अमेरिका में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर राष्ट्रपति की शक्तियों को सीमित करने की कोशिश फिलहाल नाकाम रही है। अमेरिकी सीनेट में गुरुवार को इस प्रस्ताव पर हुई वोटिंग में यह 49-50 मतों से खारिज हो गया। पेन्सिलवेनिया से रिपब्लिकन सीनेटर डेव मैककॉर्मिक वोटिंग में शामिल नहीं हुए।
यह प्रस्ताव उन सांसदों की ओर से लाया गया था, जो चाहते थे कि ईरान के खिलाफ किसी भी सैन्य अभियान से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस (संसद) की मंजूरी लेना अनिवार्य हो। हालांकि प्रस्ताव आवश्यक समर्थन हासिल नहीं कर सका और आगे नहीं बढ़ पाया।
राष्ट्रपति की सैन्य शक्तियों पर बहस जारी
प्रस्ताव अभी भी सीनेट की विदेश मामलों से जुड़ी समिति में लंबित है। इसे पूरे सीनेट में चर्चा और अंतिम मतदान के लिए लाने की कोशिश की गई थी, लेकिन आवश्यक समर्थन नहीं मिलने के कारण यह प्रयास विफल रहा। अब प्रस्तावकों को इसे दोबारा पेश करने के लिए नई रणनीति बनानी होगी।
यदि यह प्रस्ताव पारित हो जाता, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ईरान के खिलाफ किसी भी नए सैन्य अभियान की शुरुआत कांग्रेस की मंजूरी के बिना नहीं कर सकते थे। हाल के अमेरिकी हमलों के बाद विपक्षी सांसद लगातार मांग कर रहे हैं कि युद्ध जैसे फैसलों में संसद की भूमिका सुनिश्चित की जाए।
ईरान-अमेरिका तनाव: पिछले 24 घंटे की 5 बड़ी घटनाएं
1. मिस्र पहली बार बना निशाना
मिस्र के एक बंदरगाह पर ड्रोन हमले में दो जहाजों में आग लग गई। प्रारंभिक रिपोर्टों में इस हमले के पीछे ईरान समर्थित तत्वों की आशंका जताई गई है।
2. अमेरिका के बड़े हवाई हमले
अमेरिकी सेना ने ईरान के कई क्षेत्रों में हवाई हमले किए। बंदर अब्बास, किश और क़ेश्म द्वीप में विस्फोटों की खबरें सामने आई हैं।
3. ईरान का जवाबी हमला
ईरान की रिवोल्यूशनरी फोर्स ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
4. कुवैत में चीनी कंपनी की इमारत प्रभावित
ईरानी हमले में उत्तरी कुवैत स्थित एक चीनी कंपनी की बिल्डिंग पर हमला हुआ, जिसमें एक कर्मचारी की मौत हो गई।
5. रेड सी की सुरक्षा के लिए नया गठबंधन
सऊदी अरब लाल सागर में समुद्री सुरक्षा मजबूत करने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की तैयारी कर रहा है। बताया जा रहा है कि अब तक 14 देशों ने इसमें शामिल होने की इच्छा जताई है।


