जयपुर/भोपाल। राजस्थान की राजधानी जयपुर की विशेष पॉक्सो अदालत ने 14 साल पुराने चर्चित दुष्कर्म मामले में मध्य प्रदेश पुलिस के पूर्व एआईजी अनिल मिश्रा को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। अदालत ने पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ अश्लील हरकत करने के मामले में भी उन्हें पॉक्सो एक्ट के तहत 3 साल के कारावास की सजा सुनाई है।
कोर्ट ने पद के दुरुपयोग पर जताई सख्त नाराजगी
विशेष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी उस समय मध्य प्रदेश पुलिस में वरिष्ठ अधिकारी के पद पर तैनात था और उसकी जिम्मेदारी आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना थी। इसके विपरीत उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता के जेल में बंद पति की मदद का भरोसा दिलाया और इसी बहाने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया।
2012 में दर्ज हुआ था मामला
अभियोजन पक्ष के अनुसार, पीड़िता ने 11 जुलाई 2012 को जयपुर के महिला थाना (दक्षिण) में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2012 में उसके पति के खिलाफ मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में मामला दर्ज हुआ था। कानूनी मदद के लिए वह भोपाल में तत्कालीन एआईजी अनिल मिश्रा से मिली, जहां आरोपी ने सहायता का भरोसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी ने कई बार अपने बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर करवाए और बाद में जोधपुर, मुंबई सहित अन्य शहरों में ले जाकर भी उसके साथ दुष्कर्म किया।
नाबालिग बेटी से अश्लील हरकत का भी आरोप सिद्ध
शिकायत के अनुसार, वर्ष 2013 में आरोपी ने पीड़िता की नाबालिग बेटी के साथ भी अश्लील हरकत की थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोनों मामलों में दोषी मानते हुए सजा सुनाई।


