नई दिल्ली। पेपर लीक मामलों पर सख्ती के लिए लाया गया पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पारित हो गया है। करीब आठ घंटे चली चर्चा और बहस के बाद यह बिल ध्वनिमत से पास हुआ। अब इसे राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की सहमति मिलते ही यह कानून का रूप ले लेगा।
कानून बनने के बाद इसे भारत के राजपत्र में प्रकाशित किया जाएगा। इसके लागू होने की तारीख केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर तय करेगी।
विपक्ष के वॉकआउट के बीच पास हुआ बिल
राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह जब सरकार की ओर से बिल पर जवाब देने के लिए खड़े हुए, उसी दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। विपक्ष की मांग थी कि गृह मंत्री सदन में आकर जवाब दें।
विपक्ष के वॉकआउट पर नेता सदन जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष मुद्दाविहीन हो गया है और जवाब के समय सदन छोड़ना गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है।
राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस
इधर, भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन और सदन की अवमानना का नोटिस दिया है।
अनुराग ठाकुर का आरोप है कि राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ असंसदीय और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया तथा गंभीर आरोप लगाए। नोटिस में राहुल गांधी से सदन और अमित शाह से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की गई है।
ठाकुर ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने संसद में ‘इडियट’ और ‘अंधभक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई।
राघव चड्ढा बोले- सरकार ने छात्रों की बात सुनी
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ सरकार पहली बार एक मजबूत ढांचा लेकर आई है। उन्होंने कहा कि छात्रों की नाराजगी जायज थी और सरकार ने उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की।
उन्होंने दावा किया कि जांच एजेंसियों ने तेजी से कार्रवाई करते हुए चार्जशीट दाखिल की और नए कानून से पेपर लीक करने वालों में डर पैदा होगा।
मनोज झा बोले- व्यवस्था की जड़ बदलनी होगी
राजद सांसद मनोज झा ने कहा कि केवल कानून बनाने से समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि बीमारी की जड़ को खत्म करना होगा।
वहीं समाजवादी पार्टी सांसद प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने कहा कि केवल सजा बढ़ाने से अपराध कम नहीं होते। उन्होंने परीक्षा संचालन में राज्यों की भूमिका बढ़ाने की मांग की।
खड़गे ने सरकार पर साधा निशाना
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने पेपर लीक मुद्दे पर सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई परीक्षाओं के पेपर लीक हुए, लेकिन दोषियों को सजा नहीं मिली।
खड़गे ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार किए बिना पेपर लीक की समस्या खत्म नहीं होगी। उन्होंने सरकार पर शिक्षा संस्थानों में हस्तक्षेप का आरोप भी लगाया।
गृह मंत्री के जवाब की मांग पर हंगामा
खड़गे ने पेपर लीक मामले और छात्रों के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए गृह मंत्री से सदन में जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर गृह मंत्री जवाब नहीं दे सकते तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए।
मनुस्मृति और शूद्र वाले बयान पर विवाद
राज्यसभा में खड़गे के मनुस्मृति और शूद्र संबंधी बयान पर भी हंगामा हुआ। भाजपा नेताओं ने उनके बयान को तथ्यों से परे बताया।
जेपी नड्डा ने कहा कि ऐसे बयान से समाज में अशांति फैल सकती है। सभापति ने खड़गे के बयान के कुछ हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने का निर्देश दिया।
वंदे मातरम् बिल भी पास
संसद में वंदे मातरम् से जुड़ा बिल भी लोकसभा और राज्यसभा से पास हो गया। इस दौरान सदन में जमकर हंगामा हुआ और बाद में लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।


