तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर गहरा गया है। अमेरिका और सऊदी अरब ने इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया के ठिकानों पर संयुक्त हवाई हमले किए हैं। अमेरिकी सेना का दावा है कि इन ठिकानों से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हमलों की तैयारी की जा रही थी। वहीं, इराक की पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) ने दावा किया है कि हमलों में उसके आठ लड़ाके मारे गए, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
हमलों के कुछ घंटे बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, मिसाइलों का निशाना जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डा था, लेकिन सभी मिसाइलों को रास्ते में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।
इस बीच सऊदी अरब ने भी अपने पूर्वी प्रांत के तेल प्रतिष्ठानों की ओर बढ़ रहे कई ड्रोन मार गिराने का दावा किया है। दूसरी ओर, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में तीन तेल टैंकरों को रोकने का दावा किया है। वहीं, यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में एक सऊदी तेल टैंकर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने की जिम्मेदारी ली है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
1. ट्रम्प-नेतन्याहू की मुलाकात में ईरान पर सहमति
व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इसे अपनी सबसे सफल बैठकों में से एक बताया। दोनों नेताओं ने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिए जाएंगे।
2. जेलेंस्की ने ट्रम्प से रक्षा सहयोग पर चर्चा की
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात कर पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, रक्षा सहयोग और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर कूटनीतिक प्रयासों पर चर्चा की।
3. होर्मुज स्ट्रेट पर ओमान का नया प्रस्ताव
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ओमान ने सुझाव दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट का नियंत्रण केवल ईरान के पास न होकर क्षेत्र के सभी देशों की साझा व्यवस्था के तहत होना चाहिए। इस प्रस्ताव को खाड़ी के कई देशों का समर्थन मिलने की खबर है।
4. बातचीत की उम्मीद से कच्चे तेल में गिरावट
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित वार्ता की खबरों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड कई दिनों के निचले स्तर पर कारोबार करते नजर आए।
5. ड्रोन हमलों से क्षेत्र में हाई अलर्ट
इराक, जॉर्डन और सऊदी अरब में पिछले दो दिनों के दौरान कई ड्रोन हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। कुछ हमलों की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली है, जबकि कई मामलों में हमलावरों की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।


