नई दिल्ली। लोकसभा ने बुधवार को विपक्ष के हंगामे के बीच ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026’ को ध्वनिमत से पारित कर दिया। संशोधित कानून के तहत पेपर लीक और परीक्षा में अनुचित साधनों से जुड़े गंभीर अपराधों में अधिकतम 10 वर्ष की कैद और ₹10 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है। इस विधेयक पर मंगलवार को करीब नौ घंटे चर्चा हुई थी।
विधेयक पर चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सदन में जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह असंसदीय है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं को ‘इडियट’ कहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
जितेंद्र सिंह ने कहा, ‘देश के युवा ही भारत का भविष्य हैं। उन्हें मूर्ख कहना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। मुझे आश्चर्य है कि क्या विपक्ष के नेता को संसदीय कार्यवाही के बुनियादी नियमों और मर्यादाओं की जानकारी भी है।’
केंद्रीय मंत्री ने 21 जुलाई को प्रधानमंत्री आवास के बाहर राहुल गांधी के धरने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा मानो राहुल गांधी की इच्छा थी कि देश उन्हें प्रधानमंत्री बनाए और 7, लोक कल्याण मार्ग (7 LKM) भेजे। जब ऐसा नहीं हुआ तो वे प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर बैठ गए। उन्होंने कहा कि समझाने के बाद भी राहुल गांधी वहां से हटने को तैयार नहीं थे और बाद में उन्होंने दावा किया कि उन्हें जबरन हटाया गया।
लोकसभा गुरुवार तक के लिए स्थगित
चर्चा पूरी होने के बाद लोकसभा ने पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 को पारित कर दिया। इसके बाद सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
उधर, राज्यसभा ने भी वंदे मातरम् के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने वाले विधेयक को मंजूरी दे दी।


