नई दिल्ली। देशभर में पेपर लीक की घटनाओं और छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद केंद्र सरकार द्वारा लाया गया ‘पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026’ अब संसद में चर्चा के लिए तैयार है। सरकार और विपक्ष के बीच सहमति बनने के बाद मंगलवार को इस विधेयक पर चर्चा और मतदान होने की संभावना है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं से बातचीत की, जिसके बाद दोनों पक्ष विधेयक पर चर्चा के लिए सहमत हुए। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दोपहर 12 बजे से इस पर बहस शुरू हो सकती है।
हंगामे के कारण नहीं हो सकी चर्चा
सोमवार को सरकार ने लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया, लेकिन विपक्ष के तीखे विरोध के कारण इस पर चर्चा नहीं हो सकी। विपक्ष छात्रों के पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर पहले चर्चा और गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग करता रहा।
हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही चार बार स्थगित करनी पड़ी। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के सांसद वेल में पहुंचकर नारेबाजी और प्रदर्शन करते रहे।
संशोधन विधेयक में क्या होंगे बड़े बदलाव?
सरकार 2024 में बने कानून को और प्रभावी बनाने के लिए संशोधन ला रही है। प्रस्तावित बदलावों में शामिल हैं—
- पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों के लिए अधिक कठोर सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान।
- राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का अधिकार।
- ऐसे मामलों की रोजाना सुनवाई कर शीघ्र फैसला सुनिश्चित करने की व्यवस्था।
- कानून केंद्र सरकार एवं उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा।
- इसमें UPSC, SSC, रेलवे भर्ती, बैंकिंग भर्ती, NTA सहित अन्य केंद्रीय भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं शामिल रहेंगी।
सरकार ने यह संशोधन देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों और छात्र आंदोलनों के बाद तैयार किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को परीक्षा प्रणाली को और सख्त बनाने की घोषणा की थी। साथ ही परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड टास्क फोर्स गठित करने का भी ऐलान किया गया।
खड़गे बोले- गृह मंत्री सदन में दें जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष चर्चा से पीछे नहीं हट रहा है, लेकिन छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज को लेकर गृह मंत्री अमित शाह को सदन में आकर जवाब देना चाहिए।
रिजिजू का विपक्ष पर निशाना
संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार विधेयक पर बहस के लिए तैयार है, मंत्री सदन में मौजूद हैं और देश के युवा इस महत्वपूर्ण कानून पर चर्चा सुनना चाहते हैं। उन्होंने विपक्ष से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की।
धर्मेंद्र प्रधान का संसद में स्वागत
पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफे के बाद पहली बार संसद पहुंचे। एनडीए सांसदों ने उनका शॉल और मिथिला पाग पहनाकर स्वागत किया तथा संसद भवन तक उनके साथ पहुंचे। इस दौरान समर्थक सांसदों ने उनके समर्थन में नारे भी लगाए।
धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को पेपर लीक विवाद के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था।


