उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया प्रतीकात्मक राजतिलक
अयोध्या। रामनगरी अयोध्या शनिवार को 30 लाख दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। सरयू के घाटों से लेकर मंदिरों और शहर के प्रमुख स्थलों तक दीपों की अद्भुत छटा बिखरी। भक्ति, आस्था और सांस्कृतिक उल्लास के बीच भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया गया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में आयोजित दीपोत्सव ने अयोध्या को एक बार फिर ऐतिहासिक उत्सव का साक्षी बनाया। 30 लाख दीपों के प्रज्वलन के साथ नया कीर्तिमान स्थापित किया गया।
दीपोत्सव का आगाज सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से निकली श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा से हुआ। करीब तीन किलोमीटर का सफर तय कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। इसमें प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और रामायण के सातों कांडों पर आधारित झांकियां शामिल थीं। कुल 14 झांकियों के साथ 14 राज्यों के 500 से अधिक कलाकारों ने अपनी लोकसंस्कृति और परंपराओं की रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
पुष्पवर्षा और जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठी रामनगरी
शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर कलाकारों का स्वागत किया गया। जय श्रीराम के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आयोजन को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया। श्रद्धालु इस ऐतिहासिक पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आए।
रामलला की आरती के बाद हुआ राजतिलक
दोपहर करीब ढाई बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रामकथा पार्क पहुंचे। यहां से वह उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ राम मंदिर पहुंचे। तीनों अतिथियों ने रामलला के दर्शन किए, आरती उतारी और दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव का शुभारंभ किया।
इसके बाद रामकथा पार्क में हेलीकॉप्टर से पहुंचे भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न और हनुमान के स्वरूपों का विधि-विधान से पूजन किया गया। रामदरबार के मंच पर उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री ने भगवान श्रीराम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक किया। राजतिलक के साथ ही दीपोत्सव अपने चरम पर पहुंच गया और अयोध्या के विभिन्न हिस्सों में 30 लाख दीप प्रज्वलित किए गए।
2100 से अधिक लोगों ने एक साथ की सरयू की महाआरती
राज्याभिषेक के बाद उपराष्ट्रपति और मुख्यमंत्री राम की पैड़ी पहुंचे। यहां 2100 से अधिक लोगों ने एक साथ सरयू की महाआरती की। मंत्रोच्चार और शंखनाद के बीच दीपों से सजे घाटों का विहंगम दृश्य श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना। इसके बाद ड्रोन और लेजर शो ने आसमान को रंगीन रोशनी से भर दिया। आतिशबाजी के बीच दीपों से जगमगाती रामनगरी का नजारा देखते ही बना।
20 जोन और 53 सेक्टर में सुरक्षा के इंतजाम
वीआईपी मेहमानों की मौजूदगी को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे शहर को 20 जोन और 53 सेक्टर में बांटकर पुलिस अधिकारियों और मजिस्ट्रेटों की तैनाती की गई। प्रमुख मार्गों, घाटों और संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाया गया।
एयरपोर्ट से अयोध्या धाम तक हाईवे पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित रही। वीआईपी काफिले के गुजरने के दौरान यातायात रोका गया। हाईवे पर प्रत्येक 100 मीटर की दूरी पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। आसपास की इमारतों की छतों पर भी सशस्त्र जवानों ने मोर्चा संभाला।
स्थानीय पुलिस के साथ अर्धसैनिक बलों और कमांडो ने सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली। रामकथा पार्क, राम की पैड़ी, नया घाट और रामजन्मभूमि मार्ग पर विशेष निगरानी रखी गई। सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिए शहर की गतिविधियों पर नजर रखी गई।


