भोपाल। मध्यप्रदेश भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर अहम नियुक्ति करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 6 नवंबर को इस संबंध में नियुक्ति आदेश जारी किया। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद डॉ. खरे की संगठन में भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। वे प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ अब प्रदेश भाजपा कार्यालय का कामकाज भी संभालेंगे।
प्रदेश कार्यकारिणी के गठन के करीब एक साल बाद डॉ. खरे को यह नई जिम्मेदारी दी गई है। हेमंत खंडेलवाल 2 जुलाई 2025 को निर्विरोध प्रदेश अध्यक्ष चुने गए थे। इसके करीब तीन महीने बाद 23 अक्टूबर 2025 को उन्होंने प्रदेश कार्यकारिणी घोषित की थी। इसमें डॉ. निशांत खरे को प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया था। अब उन्हें संगठन के प्रदेश कार्यालय की कमान सौंपी गई है।
इस नियुक्ति को संगठन के भीतर उनकी बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। प्रदेश कार्यालय प्रभारी के तौर पर उन्हें पार्टी के नियमित संगठनात्मक कामकाज, पदाधिकारियों के बीच समन्वय और कार्यालय से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी करनी होगी।
संघ से भाजपा संगठन तक का अनुभव
इंदौर निवासी डॉ. निशांत खरे पेशे से प्लास्टिक सर्जन हैं। उन्होंने एमबीबीएस के बाद जनरल सर्जरी में एमएस और प्लास्टिक सर्जरी में एमसीएच की डिग्री हासिल की है। चिकित्सा क्षेत्र के साथ वे लंबे समय से सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे हैं।
डॉ. खरे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में विभिन्न दायित्वों पर काम कर चुके हैं। वे मध्यप्रदेश युवा आयोग के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। इसके अलावा भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ग्वालियर संभाग के प्रभारी हैं।
पहले भगवानदास सबनानी संभाल रहे थे जिम्मेदारी
भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के कार्यकाल में भगवानदास सबनानी प्रदेश महामंत्री के साथ प्रदेश कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे। अब हेमंत खंडेलवाल ने यह दायित्व डॉ. निशांत खरे को सौंपा है।
प्रदेश कार्यकारिणी में इन नेताओं को मिली थी जगह
हेमंत खंडेलवाल की घोषित प्रदेश कार्यकारिणी में नौ उपाध्यक्ष बनाए गए थे। इनमें रणवीर सिंह रावत, कांतदेव सिंह, प्रभुराम चौधरी, शैलेंद्र बरुआ, मनीषा सिंह, डॉ. नंदिता पाठक, सुरेंद्र शर्मा, डॉ. निशांत खरे और डॉ. प्रभुलाल जाटव शामिल थे।
वहीं, प्रदेश महामंत्री के रूप में लता वानखेड़े, सुमेर सिंह सोलंकी, राहुल कोठारी और गौरव रणदिवे को जिम्मेदारी दी गई थी। श्याम महाजन को प्रदेश कार्यालय मंत्री और अखिलेश जैन को कोषाध्यक्ष बनाया गया था।


