सीएम मोहन यादव से मुलाकात के बाद सफाईकर्मियों ने खत्म की हड़ताल, रातभर चला विशेष सफाई अभियान
भोपाल।Bhopal Sanitation Workers Strike : तीन दिन तक कचरे के ढेर से जूझते रहे भोपाल के बाजार और गली-मोहल्ले महज 13 घंटे के सफाई अभियान में चमक उठे। सात हजार से अधिक सफाईकर्मियों की हड़ताल खत्म होते ही नगर निगम का पूरा अमला मैदान में उतर आया। शुक्रवार रात 8 बजे शुरू हुआ विशेष सफाई अभियान शनिवार सुबह 9 बजे तक लगातार चला। इस दौरान प्रमुख सड़कों से कचरा हटाने के साथ न्यू मार्केट, चौक बाजार सहित शहर के प्रमुख बाजारों की पानी से धुलाई की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने का ऐलान किया। इसके तत्काल बाद नगर निगम ने सफाई अभियान शुरू कर दिया। तीन दिन से ठप पड़ी सफाई व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों ने रातभर मोर्चा संभाले रखा।
पहले बाजारों की सफाई, फिर गली-मोहल्लों की बारी
नगर निगम के सफाई अमले ने सबसे पहले प्रमुख सड़कों और बाजारों से कचरा हटाया। इसके बाद रहवासी इलाकों और गली-मोहल्लों में सफाई की गई। न्यू मार्केट और चौक बाजार सहित प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में पानी से धुलाई कराई गई।
अखिल भारतीय सफाई मजदूर ट्रेड यूनियन (7262) के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि दोपहर तक पूरे शहर की सफाई कर दी जाएगी। इसके बाद केवल रोजाना निकलने वाला कचरा ही शेष रहेगा, जिसे नियमित सफाई व्यवस्था के तहत हटाया जाएगा।
महापौर मालती राय के मुताबिक, सफाईकर्मियों ने रातभर काम कर शहर से कचरा हटाया। शनिवार सुबह महापौर और निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार ने न्यू मार्केट और चौक बाजार सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया।
हड़ताल खत्म होते ही झाड़ू लेकर मैदान में उतरे अधिकारी
हड़ताल समाप्त होने के बाद शुक्रवार रात कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, महापौर मालती राय और निगम कमिश्नर रामप्रकाश अहिरवार 10 नंबर मार्केट पहुंचे। यहां अधिकारियों ने खुद झाड़ू लगाकर सफाई अभियान में हिस्सा लिया। शनिवार सुबह भी महापौर और निगम कमिश्नर ने बाजारों का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
हालांकि, हड़ताल के तीन दिनों के दौरान शहर के बाजारों और सड़कों पर कचरे के ढेर लगते रहे, लेकिन उस दौरान कोई बड़ा जनप्रतिनिधि या जिम्मेदार अधिकारी सफाई के लिए मैदान में नजर नहीं आया। आंदोलन समाप्त होते ही अधिकारियों की सक्रियता जरूर दिखाई देने लगी।
मंत्री कृष्णा गौर की पहल से टूटा गतिरोध
सात हजार से अधिक सफाईकर्मियों की हड़ताल के चलते भोपाल की सफाई व्यवस्था लगातार तीन दिनों तक प्रभावित रही। बाजारों, सड़कों और रहवासी इलाकों में कचरे के ढेर लगने से नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आंदोलन चौथे दिन में प्रवेश करता, इससे पहले मंत्री कृष्णा गौर ने हस्तक्षेप किया।
उन्होंने यूनियन पदाधिकारियों को बातचीत के लिए बुलाया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से उनकी मुलाकात कराई। मुख्यमंत्री के साथ बातचीत सकारात्मक रहने के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही रात में ही शहर को साफ करने का अभियान शुरू कर दिया गया।
नगर निगम के इतिहास की सबसे बड़ी हड़ताल
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट के मुताबिक, भोपाल नगर निगम के इतिहास में सफाईकर्मियों की यह अब तक की सबसे बड़ी हड़ताल थी। इससे पहले सफाई व्यवस्था लगातार तीन दिनों तक इस तरह प्रभावित नहीं हुई थी। कर्मचारियों ने वेतन वृद्धि सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पहले भी कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया था। मांगों पर समाधान नहीं होने के कारण उन्हें अनिश्चितकालीन हड़ताल का रास्ता अपनाना पड़ा।


