कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री Mamata Banerjee के खिलाफ कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर चुनाव प्रचार के दौरान कथित रूप से भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उनके बयान से सांप्रदायिक सौहार्द और लोकतांत्रिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।
शिकायत तुषार कांति दास द्वारा दर्ज कराई गई है। आरोप है कि 9 मार्च को कोलकाता के धर्मतला में आयोजित एक चुनावी कार्यक्रम में दिए गए भाषण में ऐसी टिप्पणियां की गईं, जिनकी अब जांच की जा रही है।
इधर, कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को सीआईडी की टीम तृणमूल कांग्रेस सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee के आवास पहुंची। इस दौरान उनके वकील भी मौके पर मौजूद रहे। हालांकि, उनके पक्ष का कहना है कि सीआईडी ने कार्रवाई के संबंध में कोई पूर्व सूचना नहीं दी।
रिजिजू ने भाषण को बताया था ‘चिंताजनक’
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने 29 मई को ममता बनर्जी के भाषण का वीडियो साझा करते हुए इसे “चिंताजनक और अपमानजनक” बताया था। उन्होंने कहा था कि लोगों की सुरक्षा कानून और व्यवस्था के भरोसे होनी चाहिए, किसी राजनीतिक संदेश के सहारे नहीं।
FIR से जुड़े प्रमुख बिंदु
-शिकायत के अनुसार 9 मार्च 2026 को धर्मतला में दिए गए भाषण को लेकर आपत्ति जताई गई है।
-पहले नेताजी नगर थाने में जीरो एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसे बाद में हेयर स्ट्रीट थाने स्थानांतरित किया गया।
-मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
-पुलिस का कहना है कि जांच प्रारंभिक चरण में है और भाषण से जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
16 दिन पहले भी दर्ज हुई थी FIR
इससे पहले 26 मई को सिलीगुड़ी साइबर थाने में भी ममता बनर्जी के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में उन पर एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान सनातन और हिंदू धर्म को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच जारी है।


