यरुशलम। पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने अपनी जमीन का इस्तेमाल अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के लिए किया, तो उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। तेहरान यूनिवर्सिटी के विश्लेषक मुस्तफा खोशचेश्म ने दावा किया कि ईरान पहले ही पड़ोसी देशों को इस संबंध में आगाह कर चुका है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संघर्षविराम के बावजूद कई खाड़ी देशों में अमेरिकी टैंकर विमान तैनात हैं और हवाई अड्डों को सैन्य उपयोग के लिए तैयार किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह कदम क्षेत्रीय समझौतों और अंतरराष्ट्रीय नियमों की भावना के विपरीत है।
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का सख्त रुख
ईरान ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसे अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक हिस्सों पर नियंत्रण रखने का अधिकार है। इस क्षेत्र से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल गुजरता है, इसलिए यहां बढ़ता तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।
पाकिस्तान ने युद्धविराम बनाए रखने की अपील की
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास से बातचीत कर सभी पक्षों से युद्धविराम का सम्मान करने की अपील की। दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय हालात और बढ़ते तनाव पर चर्चा की तथा शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बहरीन और कुवैत ने लगाए गंभीर आरोप
बहरीन ने आरोप लगाया कि ईरान ने मुहर्रक क्षेत्र की एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, हालांकि इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। वहीं कुवैत ने भी ईरानी हमलों की निंदा करते हुए इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की चेतावनी दी है।
अमेरिका और ईरान के बीच फिर सैन्य कार्रवाई
ईरान की ओर से कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए जाने के दावों के बीच अमेरिका ने भी जवाबी कार्रवाई की है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के मिसाइल, ड्रोन भंडारण केंद्रों और तटीय रडार ठिकानों पर हमला किया है। उनका आरोप है कि ईरान ने युद्धविराम का उल्लंघन किया, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि ईरान ने अपनी गतिविधियां नहीं रोकीं, तो अमेरिका और कड़ी सैन्य कार्रवाई कर सकता है।
होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर असर
लगातार बढ़ते तनाव के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने जहाजों के लिए 48 घंटे पहले अनुमति लेने की नई व्यवस्था लागू की है। इस घटनाक्रम के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।


