More
    HomeदेशNEET Protest: सुप्रीम कोर्ट छात्रों पर पुलिस कार्रवाई मामले में सोमवार को...

    NEET Protest: सुप्रीम कोर्ट छात्रों पर पुलिस कार्रवाई मामले में सोमवार को करेगा सुनवाई

    Published on

    spot_img

    नई दिल्ली। नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग के आरोपों से जुड़ी दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ करेगी।

    सुप्रीम कोर्ट की कार्यसूची के अनुसार, यह सुनवाई उन याचिकाओं पर होगी जिनमें आरोप लगाया गया है कि छात्रों के शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल का प्रयोग किया और उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन किया।

    वरिष्ठ अधिवक्ता ने उठाया पुलिस कार्रवाई का मुद्दा

    24 जुलाई को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने मामले का उल्लेख करते हुए कहा था कि देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग किया गया है। उन्होंने अदालत से इस मामले में शीघ्र सुनवाई की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने 27 जुलाई की तारीख तय की।

    संसद मार्च के दौरान हुई थी झड़प

    20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में आयोजित संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव हो गया था। प्रदर्शनकारी संसद की ओर बढ़ने का प्रयास कर रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले भी छोड़े।

    छात्रों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और नीट पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच थी।

    आंदोलन समाप्त, लेकिन कानूनी लड़ाई जारी

    36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद सरकार द्वारा कई मांगें स्वीकार किए जाने और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के पश्चात सीजेपी ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कानूनी प्रक्रिया अब भी जारी है।

    दिल्ली हाईकोर्ट ने भी मांगा था जवाब

    इससे पहले 22 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने प्रदर्शनकारियों पर कथित अत्यधिक बल प्रयोग के मामले में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब तलब किया था। अदालत ने पुलिस को घटना से जुड़े सभी साक्ष्य, जिनमें सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड, सुरक्षित रखने के निर्देश भी दिए थे ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जा सके।

    अब सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं। अदालत का फैसला न केवल इस मामले की दिशा तय करेगा, बल्कि भविष्य में छात्र आंदोलनों के दौरान पुलिस कार्रवाई के मानकों पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाल सकता है।

    Latest articles

    दागी उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी

    Criminal Politics: लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है और इस विश्वास...

    एमपी में नायब तहसीलदार बनने का मौका: 73 पदों पर विभागीय परीक्षा, पटवारी-आरआई और लिपिक कर सकेंगे आवेदन

    भोपाल। MP Naib Tehsildar Exam: मध्यप्रदेश में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए नायब तहसीलदार...

    भोपाल में चोरों के हौसले बुलंद: ट्रैफिक एसीपी के घर 10 लाख की चोरी, 6 लाख कैश और जेवर ले उड़े

    भोपाल। राजधानी भोपाल में चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इस...

    BRICS Summit 2026: दिल्ली में मोदी-पुतिन-जिनपिंग की मुलाकात, दुनिया की आधी आबादी वाले समूह की बढ़ती ताकत

    नई दिल्ली। BRICS Summit 2026: राजधानी नई दिल्ली में शनिवार से 18वें BRICS शिखर...

    More like this

    दागी उम्मीदवारों की बढ़ती संख्या लोकतंत्र के लिए गंभीर चेतावनी

    Criminal Politics: लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का विश्वास है और इस विश्वास...

    एमपी में नायब तहसीलदार बनने का मौका: 73 पदों पर विभागीय परीक्षा, पटवारी-आरआई और लिपिक कर सकेंगे आवेदन

    भोपाल। MP Naib Tehsildar Exam: मध्यप्रदेश में राजस्व विभाग के कर्मचारियों के लिए नायब तहसीलदार...

    भोपाल में चोरों के हौसले बुलंद: ट्रैफिक एसीपी के घर 10 लाख की चोरी, 6 लाख कैश और जेवर ले उड़े

    भोपाल। राजधानी भोपाल में चोरों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा इस...