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    पेपर लीक पर केंद्र का बड़ा एक्शन! संसद में आ सकता है सख्त संशोधन बिल

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    10 साल जेल और 50 लाख तक जुर्माने का प्रावधान, 2 महीने में जांच, 3 महीने में ट्रायल

    नई दिल्ली। देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) एक्ट, 2024 में बड़ा संशोधन करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया आश्वासन के बाद केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह सोमवार को लोकसभा में संशोधन विधेयक पेश कर सकते हैं।

    प्रस्तावित संशोधन का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों में जांच, सुनवाई और सजा की प्रक्रिया को तेज और अधिक कठोर बनाना है। नए प्रावधानों के तहत दोषियों के खिलाफ 10 साल तक की जेल और 50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

    स्पेशल टास्क फोर्स और 2 महीने में जांच

    संशोधन विधेयक में नई धारा 12ए और 12बी जोड़ने का प्रस्ताव है। इसके तहत केंद्र सरकार आवश्यकता पड़ने पर स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन कर सकेगी। यदि मामला केंद्रीय जांच एजेंसी या विशेष जांच दल (SIT) को सौंपा जाता है, तो उन्हें दो महीने के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट दाखिल करनी होगी।

    फास्ट ट्रैक कोर्ट में रोजाना होगी सुनवाई

    पेपर लीक मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। राज्य सरकारें और केंद्र शासित प्रदेश संबंधित हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से परामर्श कर इन अदालतों को नामित करेंगे। चार्जशीट दाखिल होने के बाद तीन महीने के भीतर ट्रायल पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और सुनवाई दैनिक आधार पर होगी।

    अपील के लिए भी तय होगी समय-सीमा

    विधेयक में अपील की प्रक्रिया को भी समयबद्ध बनाया गया है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में 30 दिनों के भीतर अपील करनी होगी। विशेष परिस्थितियों में यह अवधि 90 दिन तक बढ़ाई जा सकेगी। हाई कोर्ट की दो सदस्यीय पीठ अपील की सुनवाई करेगी और तीन महीने के भीतर निर्णय देने का प्रयास करेगी।

    पीएम मोदी ने किया था सख्त कानून का ऐलान

    23 जुलाई की रात जारी वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा था कि पेपर लीक लाखों छात्रों और उनके परिवारों के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हाल के महीनों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और छात्रों का शैक्षणिक वर्ष बचाने के लिए कम समय में परीक्षा और परिणाम दोनों जारी किए गए। साथ ही उन्होंने पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था करने की घोषणा भी की थी।

    सरकार का मानना है कि नए संशोधन कानून से पेपर लीक जैसे संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और छात्रों का भरोसा बहाल करने में मदद मिलेगी।

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