तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिका ईरान पर अब तक के सबसे बड़े सैन्य हमले की पूरी तैयारी कर चुका है। उन्होंने कहा कि सभी सैन्य तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब केवल अंतिम राजनीतिक फैसला लिया जाना बाकी है। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान ने अभी तक उतना नुकसान नहीं झेला है, जितना उसे झेलना पड़ सकता है।
ट्रम्प के बयान के तुरंत बाद ईरान ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने सैन्य कार्रवाई जारी रखी तो उसे इसकी “भारी कीमत” चुकानी पड़ेगी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति का रास्ता युद्ध नहीं, बल्कि बातचीत और कूटनीति है।
ब्रिटेन भी अलर्ट मोड में
बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने अपनी सैन्य तैयारियां तेज कर दी हैं। ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर उसकी सेना किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। इससे पहले ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिका ने ब्रिटेन के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल किया तो उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।
पिछले 24 घंटे की 5 बड़ी घटनाएं
1. रेड सी में सऊदी तेल टैंकरों पर हमला
यमन के हूती विद्रोहियों ने रेड सी में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों एन्सेलिया और लैला पर बैलिस्टिक मिसाइल, क्रूज मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है। संगठन के अनुसार दोनों जहाजों में आग लग गई।
2. 10 जहाजों ने बदला समुद्री मार्ग
हूती हमलों के खतरे को देखते हुए बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कम से कम 10 मालवाहक जहाजों ने अपना मार्ग बदल लिया है। अब ये जहाज अफ्रीका के दक्षिणी छोर केप ऑफ गुड होप के रास्ते लंबी दूरी तय कर रहे हैं।
3. अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य अड्डों की अनुमति
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य अभियान के लिए अमेरिका को ब्रिटिश सैन्य अड्डों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है। हिंद महासागर स्थित डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड एयरबेस अमेरिकी सैन्य अभियानों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
4. भारत की 26 हजार अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित
अमेरिका-ईरान तनाव का असर वैश्विक हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है। 20 जुलाई तक भारतीय एयरलाइंस की करीब 26,000 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं, जबकि कई उड़ानों के मार्ग बदले गए और उनमें देरी भी हुई।
5. ट्रम्प को रक्षा बजट पर बड़ी जीत
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 216-214 मतों से 95 अरब डॉलर के रक्षा बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब यह प्रस्ताव सीनेट में जाएगा। माना जा रहा है कि इस अतिरिक्त फंड का उपयोग ईरान से जुड़े सैन्य अभियानों और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के लिए किया जा सकता है।
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रमों के बीच वैश्विक समुदाय की नजर अब अमेरिका के अगले कदम और ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई है। दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भी गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।


