कोलकाता। Bushra Bano IPS:पश्चिम बंगाल की आईपीएस अधिकारी बुशरा बानो के तबादले को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। खड़गपुर की एडिशनल एसपी रहीं बानो को राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट बनाया गया है। यह तबादला 13 सितंबर को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए उनके एक वीडियो को लेकर हुए विवाद के कुछ ही दिन बाद हुआ। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से तबादले को एक नियमित प्रशासनिक फेरबदल बताया गया है और इसे वीडियो विवाद से जोड़ने का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।
तबादले के बाद पूर्व क्रिकेटर और सांसद मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी लोकसेवक को ‘अस्सलाम वालेकुम’ और ‘इंशाल्लाह’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल के कारण निशाना बनाया जाता है, तो इससे अल्पसंख्यकों के बीच क्या संदेश जाएगा। उन्होंने भारत की विविधता को देश की ताकत बताते हुए इस मामले पर सवाल उठाया।
UPSC अभ्यर्थियों के वीडियो से शुरू हुआ विवाद
बुशरा बानो ने 13 सितंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें वह प्रतियोगी परीक्षाओं और UPSC की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से संवाद करती नजर आई थीं। वीडियो में उन्होंने अपनी तैयारी के दौरान अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी से मिले सहयोग का भी उल्लेख किया था।
वीडियो की शुरुआत में उन्होंने ‘अस्सलामुअलैकुम’ कहा और बातचीत में ‘इंशाल्लाह’ तथा ‘जजाकल्लाह’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने उनके सार्वजनिक संवाद में इन धार्मिक अभिव्यक्तियों के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। विवाद बढ़ने के बाद वीडियो उनके सोशल मीडिया अकाउंट से हटा दिया गया।
संगठन ने गृह सचिव से शिकायत का दावा किया
विवाद के बीच ‘हिंदू लीगल फंड’ नाम के सोशल मीडिया अकाउंट ने वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि इस मामले में पश्चिम बंगाल के गृह सचिव से शिकायत की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक सेवारत पुलिस अधिकारी को सार्वजनिक संवाद में निष्पक्षता बनाए रखनी चाहिए और राष्ट्रीय अभिव्यक्तियों का इस्तेमाल करना चाहिए।
संगठन ने विशेष रूप से सवाल उठाया कि वीडियो में ‘वंदे मातरम’ या ‘जय हिंद’ जैसे अभिवादन का इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया। हालांकि, ये संगठन की आपत्तियां और दावे हैं, न कि सरकार द्वारा तबादले का घोषित कारण।
तबादले के समय को लेकर उठे सवाल
14 सितंबर को जारी प्रशासनिक आदेश के तहत बुशरा बानो को खड़गपुर की एडिशनल एसपी की जिम्मेदारी से हटाकर स्टेट आर्म्ड पुलिस की चौथी बटालियन का डिप्टी कमांडेंट बनाया गया। उनके स्थान पर WBPS अधिकारी पार्थ घोष को खड़गपुर का नया एडिशनल एसपी नियुक्त किया गया है।
तबादले और वीडियो विवाद के बीच कम अंतर होने के कारण विपक्षी नेताओं ने इसकी टाइमिंग पर सवाल उठाए हैं। वहीं सरकार से जुड़े पक्ष की ओर से इसे छोटे प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा बताया गया है। उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में तबादले का कारण ‘पब्लिक इंटरेस्ट’ बताया गया है।
अजहरुद्दीन बोले- अल्पसंख्यकों को क्या संदेश?
मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि किसी लोकसेवक को केवल अभिवादन के आधार पर निशाना बनाया जाना चिंता का विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे घटनाक्रम से अल्पसंख्यकों को किस तरह का संदेश जाता है।
अजहरुद्दीन ने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता में है और सार्वजनिक जीवन में पहचान को लेकर इस तरह के विवाद व्यापक सवाल खड़े करते हैं।
महुआ मोइत्रा और इमरान प्रतापगढ़ी भी बोले
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने भी बुशरा बानो के समर्थन में बयान दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि एक ओर धार्मिक विविधता को लेकर सरकारी स्तर पर संदेश दिए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर एक महिला आईपीएस अधिकारी के धार्मिक अभिवादन को लेकर विवाद खड़ा हो रहा है।
कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने भी आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर विवाद खड़ा किया गया और उसके बाद अधिकारी का तबादला कर दिया गया। इन नेताओं के बयान राजनीतिक आरोप हैं; सरकार की ओर से तबादले को प्रशासनिक फेरबदल बताया गया है।
खड़गपुर से नई जिम्मेदारी, पार्थ घोष संभालेंगे पद
बुशरा बानो पश्चिम मेदिनीपुर के खड़गपुर में एडिशनल एसपी के पद पर कार्यरत थीं। अब उन्हें राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट की जिम्मेदारी दी गई है।
उनकी जगह पार्थ घोष खड़गपुर के नए एडिशनल एसपी होंगे। प्रशासनिक आदेश में यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।


