भोपाल। Sagar Liquor Caseसागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने आबकारी व्यवस्था में सख्ती के संकेत दिए हैं। सरकार ने अब अवैध शराब के कारोबार और प्रतिबंधित अहातों के खिलाफ अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री एवं आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने प्रदेश के सभी संभागीय आबकारी अधिकारियों को अवैध रूप से संचालित अहातों को तत्काल बंद कराने के निर्देश दिए हैं।
देवड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आबकारी नीति में अहातों पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद यदि किसी जिले में शराब दुकानों के आसपास बिना अनुमति शराब पिलाई जा रही है तो केवल लाइसेंसधारी ही नहीं, बल्कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाए।
उपमुख्यमंत्री मंगलवार को आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में विभागीय कामकाज और आबकारी अपराधों की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे।
अवैध शराब के उत्पादन से बिक्री तक होगी निगरानी
बैठक में अवैध शराब के पूरे नेटवर्क पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि अवैध शराब के उत्पादन, संग्रहण, परिवहन और बिक्री से जुड़ी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाए।
सभी शराब उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने के साथ आदतन आबकारी अपराधियों की गतिविधियों पर भी नजर रखने को कहा गया। जरूरत पड़ने पर आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
देवड़ा ने पुलिस विभाग के साथ समन्वय मजबूत करने और आबकारी विभाग के सूचना तंत्र को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया, ताकि अवैध शराब से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी समय रहते मिल सके।
ओवररेटिंग पर भी होगी तत्काल कार्रवाई
शराब दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने यानी ओवररेटिंग को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ओवररेटिंग की शिकायत मिलने पर तत्काल जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
इसके साथ ही अवैध शराब और ओवररेटिंग जैसी शिकायतों के लिए टोल-फ्री शिकायत नंबर जल्द शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
धार्मिक और पवित्र क्षेत्रों में शराब बिक्री पर सख्ती
बैठक में धार्मिक स्थलों और शासन द्वारा चिन्हित पवित्र नगरीय क्षेत्रों में शराब बिक्री पर लागू प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए।
देवड़ा ने मंदसौर, जबलपुर और नर्मदापुरम सहित विभिन्न स्थानों से प्राप्त शिकायतों का उल्लेख करते हुए अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
लापरवाही हुई तो जिम्मेदार अफसर भी कार्रवाई के दायरे में
आबकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए देवड़ा ने कहा कि पदोन्नति के साथ अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। उनसे संवेदनशीलता, सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम करने की अपेक्षा है।
उन्होंने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और आम लोगों से मिलने वाली शिकायतों का समयबद्ध निराकरण करने के निर्देश दिए।
सरकार की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि अवैध शराब, प्रतिबंधित अहाते और आबकारी नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। भविष्य में लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।


