भोपाल। Madhya Pradesh Women and Child Development: महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने मंगलवार को मंत्रालय में मिशन शक्ति के शक्ति सदन और मिशन वात्सल्य की अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं के लिए अनुदान ई-पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही प्रदेश में इन संस्थाओं को अनुदान देने की मैनुअल प्रक्रिया को डिजिटल व्यवस्था में बदलने की शुरुआत हो गई है।
नए पोर्टल के जरिए आवेदन, दस्तावेज अपलोड, प्रस्ताव परीक्षण, स्वीकृति, भुगतान और प्रगति की निगरानी सहित पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे अनुदान व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने के साथ विभाग को रियल टाइम मॉनिटरिंग में मदद मिलेगी।
डिजिटल ट्रैकिंग से कम होगी कागजी प्रक्रिया
ई-पोर्टल के माध्यम से अनुदान प्रस्तावों की स्थिति ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी। संस्थाओं को दस्तावेज और प्रस्ताव लेकर बार-बार विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। प्रस्तावों के परीक्षण और स्वीकृति की प्रक्रिया व्यवस्थित होने के साथ भुगतान में लगने वाला समय भी कम करने में मदद मिलेगी।
13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित
मिशन शक्ति के तहत प्रदेश के 13 जिलों में 14 शक्ति सदन संचालित हैं। भोपाल, उज्जैन, नर्मदापुरम, जबलपुर, बालाघाट, खंडवा, ग्वालियर, बैतूल, मंडला, मुरैना, राजगढ़, पांढुर्णा और छतरपुर में संचालित शक्ति सदनों में कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाली, निराश्रित, जेल से रिहा महिला कैदी, प्राकृतिक आपदा प्रभावित और हिंसा से पीड़ित महिलाओं को आश्रय एवं पुनर्वास की सुविधाएं दी जाती हैं।
शक्ति सदनों में महिलाओं को आश्रय, पोषण, वस्त्र, स्वास्थ्य सुविधा, कानूनी सलाह और अन्य आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। विगत वर्ष 2,386 महिलाओं ने इन सेवाओं का लाभ लिया।
मिशन वात्सल्य में 130 बाल देखरेख संस्थाएं
मिशन वात्सल्य के तहत किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश में 130 बाल देखरेख संस्थाएं संचालित हैं। इनमें 62 बाल गृह, 12 खुला आश्रय गृह, 35 विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण, 18 सम्प्रेक्षण गृह और 3 विशेष गृह शामिल हैं। वर्तमान में इन संस्थाओं में 2,377 बच्चे निवासरत हैं।
मिशन वात्सल्य के तहत वर्तमान में 79 अशासकीय बाल देखरेख संस्थाओं को अनुदान दिया जा रहा है। इनमें 44 बाल गृह, 9 खुला आश्रय गृह और 26 विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण अभिकरण शामिल हैं।
रियल टाइम मॉनिटरिंग से डेटा आधारित निर्णय
ई-पोर्टल पर डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से विभाग को योजनाओं की प्रगति का आंकलन करने, प्रस्तावों की स्थिति देखने और उपलब्ध डेटा के आधार पर निर्णय लेने में सुविधा होगी। इससे अनुदान प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद है।
16 सितंबर को होगा तकनीकी प्रशिक्षण
पोर्टल के संचालन और रिपोर्टिंग के लिए 16 सितंबर 2026 को होटल मैनेजमेंट एवं इंस्टीट्यूट, भोपाल में प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसमें शक्ति सदन और बाल देखरेख संस्थाओं से प्रबंधक एवं लेखापाल सहित दो-दो प्रतिभागी शामिल होंगे। प्रशिक्षण में ऑनलाइन आवेदन, दस्तावेज अपलोड, पोर्टल संचालन और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया समझाई जाएगी।


