बालाघाट। Balaghat Tribal Children Death : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया मंगलवार को बालाघाट पहुंचे। दोनों नेताओं ने समय पर उपचार नहीं मिलने से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। नेताओं ने संबंधित अधिकारियों से चर्चा कर मामले की जानकारी भी ली।
इसके बाद आयोजित जनसभा में जीतू पटवारी ने आदिवासी बच्चों की मौत को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अगर स्वास्थ्य सेवाएं गांवों तक पहुंच रही हैं, तो बीमार बच्चे समय पर अस्पताल क्यों नहीं पहुंचे? सरकार पहले से सतर्क थी तो स्थिति गंभीर होने से पहले रोकथाम के प्रयास क्यों नहीं किए गए?
पटवारी ने कहा, ‘मुख्यमंत्री बताएं कि आदिवासी बच्चे सरकार की प्राथमिकता में कहां हैं?’
स्वास्थ्य व्यवस्था और कुपोषण पर सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बालाघाट की घटना सिर्फ एक जिले तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था, कुपोषण और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही और भ्रष्टाचार का सबसे ज्यादा असर गरीब, आदिवासी परिवारों और बच्चों पर पड़ रहा है। पटवारी ने बालाघाट के अलावा श्योपुर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, मंडला और डिंडोरी जैसे आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं और कुपोषण की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
कुपोषण के आंकड़ों पर सरकार को घेरा
पटवारी ने शासन के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि चार गांवों में 6,431 बच्चों की जांच में 1,049 बच्चे कुपोषित मिले हैं। वहीं 1,21,892 बच्चों की पोषण जांच में 3,741 बच्चे अति-कुपोषित और 15,588 बच्चे सामान्य कुपोषित पाए गए।
उन्होंने कहा कि सरकार कुपोषण से निपटने के लिए योजनाओं और बजट की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर आदिवासी क्षेत्रों के बच्चे अब भी कुपोषण और बीमारी से जूझ रहे हैं।
दोषियों पर कार्रवाई की मांग
पटवारी ने कहा कि बच्चों की मौत पर उनके परिवारों को सिर्फ सांत्वना देने से काम नहीं चलेगा। उन्हें न्याय और जवाब चाहिए। उन्होंने मांग की कि बच्चों को समय पर उपचार क्यों नहीं मिला, स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं कहां विफल हुईं और किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सरकार को ठोस कार्ययोजना बनानी चाहिए।
सड़क से विधानसभा तक लड़ाई की बात
जीतू पटवारी ने कहा कि ‘बालाघाट आज मध्य प्रदेश की अंतरात्मा से सवाल पूछ रहा है।’ उन्होंने कहा कि यह सवाल सिर्फ उन बच्चों का नहीं है, जिन्हें खो दिया गया, बल्कि उन हजारों बच्चों का भी है जो कुपोषण और कमजोर स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच जीवन जीने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस आदिवासी बच्चों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने की लड़ाई सड़क से लेकर विधानसभा तक जारी रखेगी।
जनसभा में संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, विधायक ओंकार मरकाम, विकी पटेल, रजनीश सिंह, नारायण पट्टा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं विधायक संजय उइके सहित कांग्रेस के विधायक, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।


