नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दुनिया में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब AI केवल सवालों के जवाब देने या कंटेंट तैयार करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कारोबार से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय और प्रक्रियाएं भी स्वतः संचालित करेगा। इसी बदलाव को तकनीकी कंपनियां “एजेंटिक एआई” (Agentic AI) या “AI Agents” का युग बता रही हैं।
हाल ही में Google Cloud ने भारत में आयोजित Leaders Connect India 2026 कार्यक्रम के दौरान घोषणा की कि “पायलट प्रोजेक्ट का दौर खत्म हो चुका है, अब AI एजेंट्स का युग शुरू हो गया है।” कंपनी के अनुसार अब उद्योग जगत केवल AI की क्षमताओं को समझने में नहीं, बल्कि उससे वास्तविक आर्थिक लाभ और उत्पादकता बढ़ाने में रुचि दिखा रहा है।
AI एजेंट्स ऐसे सॉफ्टवेयर सिस्टम हैं जो मानव हस्तक्षेप के बिना कई कार्यों को पूरा कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर एयरलाइन कंपनियां मौसम, यात्रियों की संख्या, क्रू उपलब्धता और उड़ानों के शेड्यूल का विश्लेषण कर देरी कम करने के लिए AI एजेंट्स का उपयोग कर सकती हैं। इससे परिचालन लागत घटेगी और संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
Google Cloud के भारत प्रमुख शशिकुमार श्रीधरन के अनुसार भारतीय कंपनियां अब AI से स्पष्ट और मापने योग्य परिणाम चाहती हैं। बैंकिंग, एविएशन, ई-कॉमर्स और ट्रैवल सेक्टर में AI आधारित स्वचालन तेजी से बढ़ रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की बहुभाषी आबादी AI के अगले विस्तार की कुंजी होगी। देश में केवल 15 से 20 प्रतिशत लोग ही अंग्रेजी में सहज हैं, इसलिए स्थानीय भाषाओं में वॉयस-आधारित AI एजेंट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार एजेंटिक एआई केवल एक नई तकनीक नहीं, बल्कि व्यापार संचालन का नया मॉडल है। कंपनियां इसे लागत कम करने, ग्राहक सेवा सुधारने और राजस्व बढ़ाने के प्रभावी माध्यम के रूप में देख रही हैं। यही वजह है कि 2026 को वैश्विक स्तर पर “AI Agents के उदय का वर्ष” माना जा रहा है।


