भोपाल। MP Weather : मध्य प्रदेश में मानसून सीजन अपने अंतिम दौर में पहुंच गया है। मानसून की विदाई में अब करीब 15 दिन का समय बाकी है, लेकिन प्रदेश में बारिश का आंकड़ा अब भी सामान्य से पीछे चल रहा है। अब तक राज्य में अपेक्षित औसत बारिश की करीब 88 प्रतिशत वर्षा ही दर्ज की गई है।
प्रदेश के 37 जिलों में बारिश का कोटा अभी पूरा नहीं हुआ है। इनमें इंदौर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख जिले भी शामिल हैं। वहीं भोपाल और ग्वालियर समेत सिर्फ 18 जिले ही सामान्य या सामान्य से अधिक बारिश की स्थिति में पहुंच पाए हैं।
37 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से कम
मानसून के लगभग पूरे सीजन के बाद भी प्रदेश के बड़ी संख्या में जिले बारिश की कमी से जूझ रहे हैं। मौसम के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित 37 जिलों में सामान्य बारिश का आंकड़ा अभी पूरा नहीं हो पाया है।
इसका मतलब यह है कि मानसून के अंतिम 15 दिनों में होने वाली बारिश इन जिलों के लिए महत्वपूर्ण होगी। हालांकि, मौजूदा मौसम प्रणाली और विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए बहुत अधिक बारिश की संभावना फिलहाल नजर नहीं आ रही है।
भोपाल-ग्वालियर समेत 18 जिले सामान्य से आगे
प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की स्थिति एक जैसी नहीं है। भोपाल और ग्वालियर समेत 18 जिले ऐसे हैं, जहां बारिश सामान्य या उससे अधिक दर्ज की गई है।
इन जिलों में मानसून का प्रदर्शन अपेक्षाकृत बेहतर रहा है, जबकि प्रदेश के अन्य हिस्सों में बारिश की कमी बनी हुई है।
मानसून खत्म होने में सिर्फ 15 दिन
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन अब अंतिम चरण में है। सामान्य तौर पर मानसून का सीजन सितंबर के अंत तक माना जाता है। ऐसे में अब करीब 15 दिन ही शेष हैं।
इतने कम समय में प्रदेश के 37 जिलों में बारिश की कमी को पूरा करना मौसम की गतिविधियों पर निर्भर करेगा। यदि अगले दिनों में अच्छी बारिश होती है तो कुछ जिलों का आंकड़ा सामान्य के करीब पहुंच सकता है।
भारी बारिश का बड़ा सिस्टम फिलहाल नहीं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश में फिलहाल भारी या अत्यधिक भारी बारिश की कोई बड़ी चेतावनी नहीं है। आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना जताई गई है।
कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं, लेकिन प्रदेशव्यापी भारी बारिश का कोई बड़ा सिस्टम फिलहाल सक्रिय नजर नहीं आ रहा है।
अंतिम दिनों की बारिश पर टिकी उम्मीद
प्रदेश में मानसून के अब तक के प्रदर्शन को देखते हुए अंतिम 15 दिन महत्वपूर्ण हैं। खासकर उन 37 जिलों के लिए, जहां बारिश सामान्य आंकड़े से कम है।
यदि मानसून की विदाई से पहले कुछ मजबूत सिस्टम सक्रिय होते हैं और अच्छी बारिश होती है, तो बारिश के आंकड़े में सुधार संभव है। लेकिन बारिश की गतिविधियां कमजोर रहने पर कई जिलों में इस साल मानसून का कोटा अधूरा ही रह सकता है।


