भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित विधायक विश्राम गृह में कांग्रेस विधायक के सरकारी आवास पर युवक और युवती के मिलने से हड़कंप मच गया। महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन बोस ने आरोप लगाया है कि 2 नवंबर को जब वे अपने आवास पहुंचे तो वहां एक युवक और युवती आपत्तिजनक स्थिति में मिले। विधायक के मुताबिक, दोनों पुलिस विभाग से जुड़े थे और उनके पहुंचने पर वर्दी पहनकर वहां से चले गए। मामले की शिकायत के बाद विधानसभा सचिवालय ने जांच के आदेश दिए हैं।
विधायक दिनेश जैन ने बताया कि 2 नवंबर को भोपाल पहुंचने के बाद वे विधायक विश्राम गृह के खंड-3 में स्थित अपने आवंटित सरकारी आवास पर गए थे। वहां एक युवक और युवती को देखकर वे हैरान रह गए। उनका आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मी थे। विधायक के पहुंचने से पहले युवक ने वर्दी पहन ली थी, जबकि दूसरे व्यक्ति ने उनके सामने ही कपड़े बदलकर पुलिस की वर्दी पहनी। इसके बाद दोनों वहां से चले गए।
सरकारी आवास में बाहरी लोगों की मौजूदगी पर सवाल
घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि विधायक को आवंटित सरकारी आवास तक बाहरी लोग कैसे पहुंचे? विधायक ने इस संबंध में विधानसभा सचिवालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सचिवालय ने जांच शुरू करा दी है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों को आवास में अनधिकृत लोगों की मौजूदगी और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जांच के दायरे में विधायक विश्राम गृह के कक्ष क्रमांक 13 और 14 को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। अधिकारियों को यह पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित कमरों में किन लोगों की आवाजाही थी और युवक-युवती वहां किसके माध्यम से पहुंचे। जांच में किसी की लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
आवास की चाबी और सुरक्षा व्यवस्था भी जांच के घेरे में
इस घटनाक्रम ने विधायक विश्राम गृह की सुरक्षा व्यवस्था और वहां तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सामान्य व्यवस्था के मुताबिक, विधायक के भोपाल से बाहर रहने पर उनके सरकारी आवास की चाबी मुख्य काउंटर पर केयरटेकर के पास जमा रहती है। सफाई और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए कर्मचारियों को आवास में प्रवेश की अनुमति होती है।
ऐसे में जांच का अहम बिंदु यह है कि संबंधित आवास की चाबी किसके पास थी और युवक-युवती वहां किसकी अनुमति से पहुंचे। इसके अलावा यह भी पता लगाया जा रहा है कि बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश की जानकारी सुरक्षा कर्मियों और जिम्मेदार कर्मचारियों को क्यों नहीं हुई।
फिलहाल विधानसभा सचिवालय के निर्देश पर अधिकारी पूरे मामले की जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सचिवालय को सौंपी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।


