भोपाल। दीपावली पर आतिशबाजी शुरू होने से पहले ही राजधानी भोपाल की हवा प्रदूषण की मार झेलने लगी है। रविवार सुबह शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 200 के पार पहुंच गया। पर्यावरण परिसर में सबसे अधिक 277 एक्यूआई दर्ज किया गया, जबकि साकेत नगर में 261 और वर्धमान ग्रीन पार्क में 244 रहा। पिछले साल की दीपावली की सुबह के मुकाबले इस बार प्रदूषण का स्तर काफी अधिक है। पर्यावरण परिसर में एक्यूआई 69 और टीटी नगर में 77 अंक ज्यादा दर्ज किया गया। सुबह के ये आंकड़े संकेत दे रहे हैं कि पटाखों की आतिशबाजी से पहले ही शहर की हवा की गुणवत्ता बिगड़ चुकी है।
आठ इलाकों में एक्यूआई 150 से 277 के बीच
मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निगरानी केंद्रों के आंकड़ों के मुताबिक, रविवार सुबह पर्यावरण परिसर में 277 एक्यूआई के साथ सबसे खराब स्थिति रही। इसके अलावा साकेत नगर में 261, वर्धमान ग्रीन पार्क में 244, टीटी नगर में 219, इटवारा में 218 और अरेरा कॉलोनी में 203 दर्ज किया गया। वहीं अमरनाथ कॉलोनी में एक्यूआई 177 और ईदगाह हिल्स में 152 रहा।
इस तरह शहर के आठ निगरानी क्षेत्रों में हवा की गुणवत्ता प्रभावित मिली। सबसे अधिक प्रदूषण वाले पर्यावरण परिसर और सबसे कम एक्यूआई वाले ईदगाह हिल्स के आंकड़ों में 125 अंकों का अंतर रहा। छह क्षेत्रों में एक्यूआई 200 से ऊपर दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है।
पिछले साल दीपावली के अगले दिन भी बिगड़ी थी हवा
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पिछले साल के आंकड़े बताते हैं कि दीपावली के बाद भोपाल की हवा और ज्यादा प्रदूषित हो गई थी। 20 अक्टूबर 2025 को दीपावली के दिन कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक्यूआई 287, पर्यावरण परिसर में 208 और टीटी नगर में 142 दर्ज किया गया था।
अगले दिन 21 अक्टूबर को स्थिति और बिगड़ गई। कलेक्ट्रेट कार्यालय में एक्यूआई बढ़कर 304, पर्यावरण परिसर में 259 और टीटी नगर में 313 पहुंच गया था। इस साल दीपावली की सुबह ही पर्यावरण परिसर का एक्यूआई पिछले साल के अगले दिन के मुकाबले 18 अंक अधिक दर्ज किया गया है। वहीं टीटी नगर में भी पिछले साल दीपावली की सुबह की तुलना में 77 अंकों की वृद्धि हुई है।
आतिशबाजी के बाद और बढ़ सकता है प्रदूषण
दीपावली की रात होने वाली आतिशबाजी से हवा में धुएं और सूक्ष्म कणों की मात्रा बढ़ने की आशंका है। पटाखों से निकलने वाले पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे बारीक कण सांस के जरिए फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। हवा की गति कम रहने पर ये कण वातावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं।
पिछले साल दीपावली के अगले दिन टीटी नगर में एक्यूआई 313 और पर्यावरण परिसर में 259 तक पहुंच गया था। ऐसे में इस बार भी आतिशबाजी के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका है। निगरानी केंद्रों के अगले दिन के आंकड़ों से स्थिति और स्पष्ट होगी।
बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर ज्यादा असर
खराब वायु गुणवत्ता का सबसे अधिक असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर पड़ सकता है। हवा में प्रदूषक कणों की मात्रा बढ़ने से आंखों में जलन, खांसी, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। अस्थमा और हृदय रोगियों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
प्रदूषण का स्तर अधिक होने पर खुले में लंबे समय तक रहने और भारी व्यायाम से बचना चाहिए। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को धुएं के सीधे संपर्क में आने से बचाने की जरूरत है।


