गुर्जन महासभा की भाजपा प्रदेश अध्यक्ष से कार्रवाई की मांग
भोपाल। पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी द्वारा कुख्यात डकैत रामबाबू गड़रिया को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले को लेकर अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल से मुलाकात कर कड़ी आपत्ति जताई और विधायक के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि विधायक द्वारा डकैत रामबाबू गड़रिया की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा करना और उसे अपना भाई बताना गुर्जर समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है। महासभा ने मांग की कि पार्टी इस मामले में स्पष्ट रुख अपनाए। इस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी गुर्जर समाज के सम्मान और हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विधायक प्रीतम सिंह लोधी का बयान उनका व्यक्तिगत बयान है और उसका पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
खंडेलवाल ने कहा कि पार्टी संगठन ने मामले को संज्ञान में लिया है और जल्द ही इस संबंध में विधायक से चर्चा की जाएगी। उन्होंने कहा कि गुर्जर समाज का देश की सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है तथा भाजपा सदैव समाज के सम्मान के साथ खड़ी रही है। प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह पटेल, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामबरन सिंह गुर्जर, उमराव सिंह गुर्जर, युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष सोनू गुर्जर सहित कई पदाधिकारी शामिल थे।
31 मई को दिया था विवादित बयान
बता दें कि 31 मई को शिवपुरी जिले के पिछोर में आयोजित लोकमाता अहिल्याबाई होलकर जयंती समारोह के दौरान विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने मंच से डकैत रामबाबू गड़रिया को अपना करीबी बताते हुए उसके साथ पुराने संबंधों का उल्लेख किया था। कार्यक्रम में रामबाबू गड़रिया की तस्वीर पर माल्यार्पण किए जाने और उसके पक्ष में दिए गए वक्तव्य के बाद यह मामला चर्चा में आ गया।
क्यों गुर्जर समाज में नाराजगी
रामबाबू गड़रिया और उसके गिरोह का चंबल क्षेत्र में लंबे समय तक आतंक रहा था। वर्ष 2004 में ग्वालियर जिले के भंवरपुरा गांव में गुर्जर समाज के 13 लोगों की सामूहिक हत्या की घटना को लेकर समाज में आज भी गहरी पीड़ा है। इसी कारण विधायक के बयान के बाद गुर्जर समाज के विभिन्न संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग उठाई है।


