हरदा। चर्चित दुर्गेश जाट हत्याकांड और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर हरदा की सियासत में घमासान तेज हो गया है। पूर्व कृषि मंत्री एवं सांसद प्रतिनिधि कमल पटेल द्वारा 3 नवंबर को आयोजित पत्रकारवार्ता में कांग्रेस पार्टी, हरदा विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल पर लगाए गए आरोपों के बाद बुधवार को कांग्रेस नेताओं ने पलटवार किया। विधायक डॉ. दोगने के निज निवास पर आयोजित पत्रकारवार्ता में विधायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने कमल पटेल के बयानों पर अपना पक्ष रखा।
विधायक डॉ. रामकिशोर दोगने ने कमल पटेल के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे लंबे समय से कांग्रेस पार्टी और उनके खिलाफ अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने कमल पटेल के परिजनों से उनके स्वास्थ्य की जांच अच्छे चिकित्सक से कराने की बात कही। साथ ही कहा कि उपचार का पूरा खर्च वे स्वयं उठाने को तैयार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि कमल पटेल अपने आरोपों के समर्थन में कोई ठोस तथ्य प्रस्तुत करें।
मोहन सांई ने राजनीतिक बयानबाजी पर उठाए सवाल
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन सांई ने कहा कि कमल पटेल लगातार विधायक डॉ. दोगने के खिलाफ बयान देकर मीडिया में बने रहने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कमल पटेल के कृषि मंत्री रहते जिले में भ्रष्टाचार, अवैध गतिविधियां और कमीशनखोरी चरम पर थी। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता राजनीतिक लाभ के लिए जिस तरह बयानबाजी करते हैं, उसी तरह कमल पटेल भी आरोप लगाकर सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।
मानहानि के मुकदमे की चेतावनी
विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल ने कहा कि 3 नवंबर की रात आयोजित पत्रकारवार्ता में कमल पटेल द्वारा उनके और उनके परिवार के खिलाफ बयान देकर छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि कमल पटेल ने उन्हें हत्यारा कहकर संबोधित किया, जबकि उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप न्यायालय में विचाराधीन हैं। न्यायालय के निर्णय से पहले किसी को दोषी ठहराना उचित नहीं है।
राहुल पटेल ने कमल पटेल से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग करते हुए कहा कि यदि वे माफी नहीं मांगते हैं तो वे न्यायालय की शरण लेकर मानहानि का दावा करेंगे।
कृषि मंत्री रहते कमीशनखोरी के लगाए आरोप
राहुल पटेल ने कमल पटेल के राजनीतिक कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कृषि मंत्री रहते विधायक निधि और मंडी निधि से निर्माणाधीन सड़क मार्गों के ठेकेदारों से 10 से 20 प्रतिशत तक कमीशन लिया जाता था। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह भ्रष्टाचार नहीं है? साथ ही कमल पटेल से उनके खिलाफ जनपद में भ्रष्टाचार के आरोपों के प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन को लेकर भी बोले राहुल पटेल
राहुल पटेल ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि कमल पटेल के कार्यकाल में ऐसे सम्मेलन आयोजित नहीं हुए, जबकि वर्तमान जनपद अध्यक्ष रेवा पटेल के कार्यकाल में उनकी अनुशंसा पर शासकीय नियमों के अनुसार लगातार सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इसे जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल बताया।
दुर्गेश जाट के माता-पिता के भरण-पोषण को लेकर उठाया सवाल
पत्रकारवार्ता में दुर्गेश जाट हत्याकांड का मुद्दा भी उठा। राहुल पटेल ने कमल पटेल से सवाल किया कि क्या वे भ्रष्टाचार से कमाई गई संपत्ति और अपनी पैतृक संपत्ति को लेकर कोई जवाब देंगे? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या कमल पटेल अपनी संपत्ति नीलाम करवाकर उसकी राशि दुर्गेश जाट के माता-पिता के भरण-पोषण के लिए देने को तैयार हैं।
पत्रकारवार्ता में कांग्रेस नेताओं ने कमल पटेल द्वारा लगाए गए आरोपों को निराधार बताते हुए अपना पक्ष रखा और उनसे आरोपों के समर्थन में प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग की।


