टोक्यो। जापान में रविवार सुबह भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 6.0 मापी गई। इसका केंद्र जापान के मी प्रांत के तट के पास समुद्र में जमीन से करीब 352 किलोमीटर की गहराई पर था। भूकंप का केंद्र प्रांत की राजधानी त्सु से लगभग 110 किलोमीटर दक्षिण में स्थित था।
भूकंप के बाद सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई। फिलहाल किसी के हताहत होने या संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं है। त्सु शहर की आबादी करीब 2.5 लाख है।
यूरोपियन-मेडिटेरेनियन सीस्मोलॉजिकल सेंटर (ईएमएससी) की वेबसाइट पर लोगों ने भूकंप के अनुभव साझा किए। कुछ लोगों के मुताबिक, झटके काफी देर तक महसूस हुए। शुरुआत में कंपन हल्का था, लेकिन धीरे-धीरे इसकी तीव्रता बढ़ती महसूस हुई।
भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है जापान
जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है। इसकी भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यह चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के संपर्क क्षेत्र में आता है। साथ ही, यह प्रशांत महासागर के कुख्यात ‘रिंग ऑफ फायर’ का हिस्सा है। यहां हर साल करीब 1,500 भूकंप दर्ज किए जाते हैं। इनमें से अधिकांश की तीव्रता कम होती है।
2024 में भूकंप से गई थी 600 लोगों की जान
जापान के नोटो प्रायद्वीप में जनवरी 2024 में आए विनाशकारी भूकंप में करीब 600 लोगों की मौत हुई थी। इससे पहले मार्च 2011 में 9.0 तीव्रता के भूकंप के बाद आई सुनामी ने भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में 18 हजार से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
जापान सरकार ने अगले 30 वर्षों में बड़े भूकंप की आशंका को लेकर भी चेतावनी दी है। अनुमान है कि इस अवधि में बड़े भूकंप की आशंका 75 से 82 प्रतिशत तक हो सकती है। ऐसी आपदा आने पर करीब 2.98 लाख लोगों की मौत और लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर (करीब 167 लाख करोड़ रुपये) की आर्थिक क्षति होने का अनुमान जताया गया है।


