More
    Homeमध्यप्रदेशकांग्रेस ने केला फसल नुकसान, खाद संकट और मुआवजे को लेकर खोला...

    कांग्रेस ने केला फसल नुकसान, खाद संकट और मुआवजे को लेकर खोला मोर्चा

    Published on

    spot_img

    भोपाल। मप्र में किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा हमला बोला है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार किसान कल्याण के दावे तो कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर किसान प्राकृतिक आपदाओं, खाद संकट और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।

    भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में कुणाल चौधरी ने कहा कि हाल ही में निमाड़ क्षेत्र के बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन जिलों में आए आंधी-तूफान से केले की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार शाहपुरा, खापा, धामनगांव, लोनी, बहादुरगढ़, बोलाना और दरियापुर सहित कई इलाकों में केले के बागान पूरी तरह तबाह हो गए हैं, जिससे किसानों को 150 करोड़ रुपये से अधिक की क्षति हुई है।

    उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार प्रभावित किसानों को पर्याप्त राहत देने के बजाय केवल सर्वे कराने तक सीमित है। कांग्रेस का दावा है कि वास्तविक नुकसान सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक है और प्रभावित किसानों को 100 प्रतिशत नुकसान मानते हुए तत्काल मुआवजा दिया जाना चाहिए।

    खेत बचाओ अभियान पर भी सवाल

    कुणाल चौधरी ने रायसेन में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू किए गए ‘खेत बचाओ अभियान’ को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल प्रतीकात्मक कार्यक्रमों से किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य, समय पर खाद, बिजली, सिंचाई और कर्ज राहत की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश के केले उत्पादक किसानों को अभी तक मौसम आधारित फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिल रहा है, जबकि पड़ोसी राज्यों में ऐसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

    खाद वितरण व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला

    कांग्रेस ने राज्य सरकार की नई ऑनलाइन खाद वितरण और ई-टोकन व्यवस्था को भी किसानों के लिए परेशानी का कारण बताया। चौधरी ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में किसान अपनी जरूरत के अनुसार खाद नहीं खरीद पा रहे हैं और कई स्थानों पर उन्हें लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि पोर्टल आधारित व्यवस्था किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझने में विफल है, जिससे बुवाई का काम प्रभावित हो रहा है। विशेष रूप से बटाईदार किसानों और संयुक्त खाताधारकों को खाद प्राप्त करने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    Latest articles

    बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, पूछा- बीमार बच्चे अस्पताल क्यों नहीं पहुंचे?

    बालाघाट। Balaghat Tribal Children Death : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और आदिवासी...

    Kirnapur Protest: पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प, पत्थरबाजी के बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस

    बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर में मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस...

    MP Weather: मानसून के 15 दिन बाकी, मध्य प्रदेश में 88% बारिश; 37 जिलों में कोटा अधूरा

    भोपाल। MP Weather : मध्य प्रदेश में मानसून सीजन अपने अंतिम दौर में पहुंच...

    More like this

    बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत पर जीतू पटवारी का सरकार पर हमला, पूछा- बीमार बच्चे अस्पताल क्यों नहीं पहुंचे?

    बालाघाट। Balaghat Tribal Children Death : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और आदिवासी...

    Kirnapur Protest: पुलिस-प्रदर्शनकारियों में झड़प, पत्थरबाजी के बाद लाठीचार्ज और आंसू गैस

    बालाघाट। मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के किरनापुर में मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस...