भोपाल। मध्य प्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट का मुकाबला दिलचस्प हो गया है। भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के सामने मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष महेश केवट को अपने तीसरे उम्मीदवार के रूप में घोषित किया है। दोनों नेता आज नामांकन दाखिल करेंगे और राज्यसभा चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में उतरेंगे।
मुख्यमंत्री निवास में हुई लंबी बैठक
भाजपा के तीसरे उम्मीदवार को लेकर रविवार शाम मुख्यमंत्री निवास में लगभग एक घंटे तक बैठक चली। इसमें चुनावी रणनीति, नामांकन प्रक्रिया और विधायक दल की तैयारी पर चर्चा हुई। बैठक के बाद महेश केवट के नाम पर अंतिम सहमति बनी। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के तीसरे उम्मीदवार के मैदान में आने के बाद कांग्रेस अपने विधायकों को संभावित चुनावी दबाव और समर्थन देने के लिए तेलंगाना भेज सकती है।
नामांकन के लिए रैली और शक्ति प्रदर्शन
दोपहर डेढ़ बजे प्रदेश भाजपा कार्यालय में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह, क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत मंत्री, विधायक और पार्टी पदाधिकारी जुटेंगे। इसके बाद सभी नेता एक रैली के रूप में विधानसभा पहुंचेंगे, जहां महेश केवट नामांकन दाखिल करेंगे। उधर, कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भी अपने समर्थकों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में विधानसभा पहुंचकर नामांकन दाखिल करेंगी। इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी उपस्थित रहेंगे।
भाजपा के पहले दो उम्मीदवार पहले ही नामांकन दाखिल कर चुके हैं
इससे पहले शनिवार को भाजपा उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल ने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। देर रात मुख्यमंत्री निवास में भाजपा विधायक दल की बैठक भी हुई, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी भाजपा विधायकों को 8 जून तक भोपाल में रहने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने दिनभर की बैठकें
रविवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिनभर विभिन्न नेताओं के साथ बैठकें कीं। सीएम हाउस में मंत्री राकेश सिंह और नरोत्तम मिश्रा ने उनसे मुलाकात की। देर शाम क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मुख्यमंत्री निवास पहुंचे और आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की। राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि इस तीसरे उम्मीदवार की घोषणा और दोनों बड़े नेताओं के नामांकन से राज्यसभा चुनाव का मुकाबला रोचक बन गया है।


