भोपाल। राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में विधायक दल की अहम बैठक कर अपनी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक का मुख्य फोकस विधायकों की एकजुटता बनाए रखने और पार्टी प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन के पक्ष में मतदान सुनिश्चित करने पर रहा। पार्टी नेतृत्व ने क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं और भाजपा की संभावित रणनीति को देखते हुए इस चुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बताया।
बैठक में कई विधायक देर से पहुंचे, कुछ वरिष्ठ नेता रहे अनुपस्थित
शाम 5 बजे निर्धारित बैठक में कई विधायक करीब एक घंटे की देरी से पहुंचे। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ, जयवर्धन सिंह, वीर सिंह भूरिया और निर्मला सप्रे बैठक में शामिल नहीं हुए, हालांकि कमलनाथ ने वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया।
कमलनाथ का संदेश: चुनाव पार्टी की प्रतिष्ठा से जुड़ा
कमलनाथ ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि यह चुनाव सिर्फ मीनाक्षी नटराजन का नहीं, बल्कि पूरी कांग्रेस नेतृत्व और संगठन की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। उन्होंने सभी से पार्टी चिन्ह और एकजुटता को सर्वोपरि रखने की अपील की।
एकजुटता का दावा, कांग्रेस ने खारिज किए भाजपा के दावे
बैठक के बाद नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि कांग्रेस विधायक दल पूरी तरह एकजुट है और सभी विधायक मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में हैं। उन्होंने भाजपा के दावों को निराधार बताया।
मीनाक्षी नटराजन के समर्थन में संगठन का भरोसा
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीनाक्षी नटराजन को गांधीवादी विचारधारा और महिला सशक्तिकरण की प्रतीक बताते हुए कहा कि उनकी उम्मीदवारी पार्टी की वैचारिक राजनीति को मजबूत करेगी।
भोपाल पहुंचीं मीनाक्षी नटराजन, नामांकन की प्रक्रिया पूरी
राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन भोपाल पहुंचीं, जहां उन्होंने पार्टी नेताओं से मुलाकात की और नामांकन से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कीं। उनके स्वागत में सीमित संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मीनाक्षी नटराजन ने कहा: यह विचारधारा और संविधान की लड़ाई
मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह चुनाव केवल एक सीट का नहीं, बल्कि संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय की विचारधारा को मजबूत करने का अवसर है।


