तेहरान। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अंतिम यात्रा सोमवार को राजधानी तेहरान में लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच निकाली जा रही है। करीब 10 किलोमीटर लंबे मार्ग पर श्रद्धांजलि देने वालों की भारी भीड़ उमड़ने से अंतिम यात्रा कई स्थानों पर धीमी पड़ गई। सरकारी मीडिया ने इसे ईरान के आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े जनसमूहों में से एक बताया है।
आजादी स्ट्रीट सहित कई प्रमुख इलाकों में भीड़ इतनी अधिक रही कि ताबूत ले जा रहे वाहन को कई बार रुकना पड़ा। प्रशासन ने लोगों से यात्रा मार्ग पर व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार, अंतिम चरण में खामेनेई के पार्थिव शरीर को हेलिकॉप्टर के जरिए यात्रा मार्ग के ऊपर ले जाया जाएगा, ताकि दूर मौजूद लोग भी अंतिम दर्शन कर सकें।
अंतिम यात्रा के बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक अनुष्ठानों के लिए कोम ले जाया जाएगा। इसके बाद उन्हें उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
राष्ट्रपति ने एकजुटता का दिया संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि अयातुल्ला अली खामेनेई ने देश को यह संदेश दिया कि ईरान की सबसे बड़ी ताकत उसकी जनता और उनकी एकजुटता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यदि सभी नागरिक भाईचारे, एकता और राष्ट्र सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ें, तो ईरान सम्मान और विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ेगा।
सेना प्रमुख का सख्त बयान
ईरानी सेना प्रमुख मेजर जनरल अमीर हातमी ने कहा कि खामेनेई की हत्या के जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान और उसकी जनता न्याय की मांग से कभी पीछे नहीं हटेगी।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
-अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अंतिम संस्कार में ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व मौजूद था और अमेरिका चाहता तो एक ही हमले में उन्हें निशाना बना सकता था, लेकिन बातचीत का रास्ता खुला रखने के लिए ऐसा नहीं किया।
-ट्रम्प के बयान पर आर्मेनिया स्थित ईरानी दूतावास ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन विचारों को नहीं।
-भीषण गर्मी के बीच अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को राहत देने के लिए फायर ब्रिगेड ने पानी का छिड़काव किया, जबकि ठंडे पेय और तरबूज भी वितरित किए गए।
-ईरानी सेना ने कहा कि युद्धविराम के दौरान भी वह अपनी सैन्य क्षमता को मजबूत कर रही है और किसी भी हमले का निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार है।
-रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान का सबसे बड़ा रणनीतिक हथियार है और इसके जरिए वैश्विक तेल आपूर्ति पर प्रभाव डाला जा सकता है।


