US Visa Rule: भारतीय छात्रों के लिए क्यों अहम हैं अगले 54 दिन? जानिए नए नियम का पूरा असर
वॉशिंगटन। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों और अन्य अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए अगले 54 दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) की ओर से लागू किए जा रहे नए आव्रजन नियमों के चलते कई विश्वविद्यालयों ने छात्रों को सलाह दी है कि यदि वे फिलहाल अपने देश में हैं, तो 15 सितंबर 2026 से पहले अमेरिका लौट आएं।
यह सलाह खासतौर पर उन छात्रों के लिए जारी की गई है जो एफ-1 (F-1) या जे-1 (J-1) वीजा पर अध्ययन कर रहे हैं और गर्मियों या अन्य शैक्षणिक अवकाश के दौरान अपने देश आए हुए हैं।
15 सितंबर से बदलेगा वीजा सिस्टम
15 सितंबर 2026 से अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग का नया “फाइनल रूल” लागू होगा। इसके साथ ही वर्षों से लागू “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस (D/S)” व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया जाएगा।
अब तक एफ-1 वीजा धारक छात्र तब तक अमेरिका में रह सकते थे, जब तक वे अपने शैक्षणिक कार्यक्रम की सभी शर्तों का पालन करते थे। नए नियम के तहत उन्हें अधिकतम चार वर्ष की निश्चित अवधि के लिए ही प्रवेश मिलेगा।
नए नियम में क्या-क्या बदलेगा?
नए इमिग्रेशन नियमों के तहत कई अहम बदलाव किए गए हैं—
- एफ-1 छात्र वीजा, जे-1 एक्सचेंज विजिटर वीजा और आई (I) वीजा धारकों के लिए अधिकतम चार वर्ष की प्रवेश अवधि तय होगी।
- पढ़ाई पूरी होने के बाद अमेरिका में रहने की ग्रेस पीरियड 60 दिन से घटाकर 30 दिन कर दी जाएगी।
- चार वर्ष से अधिक रुकने की आवश्यकता होने पर छात्रों को यूएससीआईएस (USCIS) से फॉर्म I-539 के माध्यम से अवधि बढ़ाने की अनुमति लेनी होगी।
विश्वविद्यालयों ने दी जल्द लौटने की सलाह
कोलंबिया विश्वविद्यालय सहित कई शिक्षण संस्थानों ने छात्रों को नोटिस जारी कर कहा है कि नए नियम लागू होने से पहले अमेरिका लौटना बेहतर होगा। विश्वविद्यालय ने छात्रों से 8 सितंबर से शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र से पहले न्यूयॉर्क पहुंचने की सलाह दी है ताकि नई व्यवस्था से जुड़ी संभावित जटिलताओं से बचा जा सके।
किन छात्रों पर नहीं होगा असर?
डीएचएस के अनुसार, जो छात्र 15 सितंबर 2026 को पहले से अमेरिका में “ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस” के तहत मौजूद होंगे, वे अपने फॉर्म I-20 में दर्ज पाठ्यक्रम या स्वीकृत OPT/STEM OPT अवधि पूरी होने तक अमेरिका में रह सकेंगे।
हालांकि यह छूट भी अधिकतम चार वर्ष तक ही प्रभावी रहेगी और 14 नवंबर 2030 के बाद स्वतः समाप्त हो जाएगी।
भारतीय छात्रों की बढ़ी चिंता
नए नियमों के बाद भारतीय छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि चार वर्ष की समय-सीमा अधिकांश आधुनिक डिग्री कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त नहीं है।
औसतन स्नातक (Bachelor’s) की पढ़ाई पूरी करने में करीब 52 महीने, जबकि पीएचडी (PhD) पूरी करने में लगभग 5.7 वर्ष लगते हैं। ऐसे में छात्रों को बार-बार वीजा अवधि बढ़ाने की प्रक्रिया से गुजरना पड़ सकता है।
इसके अलावा, यूएससीआईएस के पास पहले से ही 1.1 करोड़ से अधिक आव्रजन आवेदन लंबित हैं, जिनके निपटारे में लगभग एक वर्ष तक का समय लग रहा है। ऐसे में नए नियमों के कारण छात्रों की पढ़ाई और करियर की योजनाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


