तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच गुरुवार रात अमेरिका ने लगातार छठी बार ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, लड़ाकू विमानों, ड्रोन और युद्धपोतों की मदद से तटीय रक्षा प्रणाली, एयर डिफेंस, सैन्य लॉजिस्टिक्स और समुद्री सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
इसी दौरान भारत के निवेश वाले रणनीतिक चाबहार पोर्ट पर भी मिसाइल हमला हुआ। ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, हमले में पोर्ट के मैरिटाइम कंट्रोल टावर को निशाना बनाया गया। पिछले एक सप्ताह में इस कंट्रोल टावर पर यह तीसरा हमला बताया जा रहा है।
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसके जरिए भारत को अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक समुद्री संपर्क मिलता है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े घटनाक्रम
1. ईरान की अमेरिका को चेतावनी
ईरानी सांसद बेहनाम सईदी ने कहा कि यदि अमेरिका ने ईरान पर जमीनी हमला किया तो अमेरिकी सैनिकों को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने दावा किया कि ईरान किसी भी कार्रवाई का कड़ा जवाब देगा।
2. बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर बढ़ा तनाव
रिपोर्टों के अनुसार, ईरान ने यमन के हूती विद्रोहियों से कहा है कि यदि अमेरिकी हमले ऊर्जा ढांचे तक पहुंचते हैं तो बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य में दबाव बढ़ाने के लिए तैयार रहें।
3. होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही घटी
समुद्री डेटा कंपनी केप्लर के अनुसार, बुधवार को केवल 9 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे, जबकि मंगलवार को यह संख्या 13 थी। इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
4. भारत ने नाविकों की तैनाती रोकी
क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिम को देखते हुए भारत सरकार ने फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारतीय नाविकों की तैनाती रोकने के निर्देश दिए हैं।
5. अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन हमलों की खबर
रिपोर्टों के अनुसार, कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी ड्रोन हमलों का निशाना बनाया गया। हालांकि इन हमलों से हुए नुकसान की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
लगातार हो रहे हवाई हमलों और जवाबी धमकियों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव और बढ़ता है तो इसका असर वैश्विक तेल आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।


