जवाब में बहरीन, कुवैत और जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर अटैक का दावा
तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार रात अमेरिका ने लगातार चौथे दिन ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान चलाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, करीब सात घंटे तक चले ऑपरेशन में होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद ईरानी मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट्स, नौसैनिक संसाधनों तथा तटीय रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया।
इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। ईरान ने बहरीन स्थित अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट बेस और जॉर्डन के अजराक एयरबेस को निशाना बनाने का दावा भी किया है।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि तेहरान वार्ता और समझौते के लिए आगे नहीं आया, तो अगले चरण में बिजलीघरों, पुलों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। वहीं ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिकी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और होर्मुज स्ट्रेट में अपनी रणनीतिक कार्रवाई जारी रखेगा।
पिछले 24 घंटे के पांच बड़े घटनाक्रम
1. होर्मुज में व्यापारिक जहाजों पर हमला
ईरानी बलों ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो व्यापारिक जहाजों पर हमला किया। इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि 10 अन्य घायल हुए। जहाजों पर कुल 20 भारतीय क्रू सदस्य सवार थे।
2. भारत ने ईरानी राजनयिक को किया तलब
जहाजों पर हुए हमले के बाद भारत सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के उप प्रमुख (Deputy Chief of Mission) को तलब कर अपनी चिंता और विरोध से अवगत कराया।
3. फारस की खाड़ी में 11 भारतीय जहाज फंसे
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत से जुड़े 11 जहाज और 148 भारतीय नाविक फिलहाल फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। सभी जहाजों को होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित गुजरने का इंतजार है।
4. ट्रम्प ने 20% ट्रांजिट टैक्स का फैसला वापस लिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर प्रस्तावित 20% ट्रांजिट टैक्स लगाने का फैसला वापस ले लिया। यह निर्णय मध्य पूर्व के नेताओं के साथ बातचीत के बाद लिया गया।
5. होर्मुज में शिपिंग ट्रैफिक न्यूनतम स्तर पर
मंगलवार को होर्मुज स्ट्रेट से केवल चार जहाज ही गुजर सके। हालिया घटनाक्रम के बाद यह समुद्री मार्ग पर सबसे कम दर्ज की गई आवाजाही मानी जा रही है, जिससे वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर चिंता बढ़ गई है।


