तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। पश्चिम एशिया में तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका ने रविवार को ईरान के विभिन्न हिस्सों में 140 सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार यह हालिया सैन्य अभियान की तीसरी बड़ी कार्रवाई है, जिसमें ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया।
हमले किश्म, सीरिक, बंदर अब्बास, जास्क, बुशेहर, खोंदाब, बंदर महशहर, बेहबहान, अंदीमेश्क, देजफुल, अहवाज, अबादान और खुर्रमशहर समेत कई इलाकों में किए गए।
होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का सख्त संदेश
ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के सलाहकार मोहसिन रेजाई ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट ईरान के लिए कई परमाणु बमों से भी अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी कीमत पर इस रणनीतिक समुद्री मार्ग की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल और गैस गुजरती है।
पिछले 24 घंटे की 5 बड़ी घटनाएं
1. ओमान के पास जहाज पर हमला, एक भारतीय लापता
‘ट्रांस गैलेक्सी’ नामक जहाज पर हुए हमले के समय 11 भारतीय सवार थे। इनमें से 10 को सुरक्षित निकाल लिया गया, जबकि एक भारतीय अब भी लापता है। भारत सरकार ने नागरिक जहाजों पर हमलों की निंदा करते हुए इन्हें तुरंत रोकने की मांग की है।
2. अमेरिका का दावा—300 से ज्यादा ठिकानों पर कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार पिछले तीन दिनों में ईरान के 300 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।
3. दक्षिणी लेबनान में इजराइली कार्रवाई जारी
इजराइल ने दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के कफर तेबनित क्षेत्र में फिर सैन्य कार्रवाई की। शुरुआती जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
4. कुवैत की सीमा चौकियों को नुकसान
कुवैत की सेना ने बताया कि हालिया क्षेत्रीय हमलों के कारण देश के उत्तरी हिस्से में स्थित तीन सीमा चौकियों को नुकसान पहुंचा है।
5. ईरान के वाटर प्रोजेक्ट पर हमला
ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार महशहर शहर में एक जल परियोजना पर प्रोजेक्टाइल गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल हुए हैं।
मध्य-पूर्व में बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच लगातार बढ़ते सैन्य हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को और गहरा कर दिया है। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान की कड़ी चेतावनी के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर भी नजरें टिकी हुई हैं।


