बुशहर, चाबहार और बंदर अब्बास समेत कई शहर निशाने पर, होर्मुज संकट गहराया; तेल की कीमतों में उछाल
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका ने बुधवार देर रात ईरान के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर ताजा एयरस्ट्राइक की। हमलों में बुशहर, चाबहार, बंदर अब्बास, सीरिक और कोनारक समेत कई अहम शहरों को निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि ईरान फिर हमला करता है तो अमेरिका 20 गुना ज्यादा ताकत से जवाब देगा। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन उसे तेहरान पर भरोसा नहीं है।
पिछले 24 घंटे में तेजी से बदले घटनाक्रम
-अमेरिका ने ईरान के 80 से अधिक सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया। वॉशिंगटन का कहना है कि यह कार्रवाई होर्मुज क्षेत्र में जहाजों पर हुए हमलों के जवाब में की गई। ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ हुआ सीजफायर अब समाप्त हो चुका है और फिलहाल किसी नई डील की संभावना नहीं है।
-ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने बहरीन और कुवैत में 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाया। इनमें अमेरिकी फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय और अली अल-सलेम एयर बेस भी शामिल बताए गए।
-ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं होगी। उनका कहना है कि पहले अमेरिका को पुराने समझौतों का सम्मान करना होगा।
-बढ़ते तनाव के बीच कुवैत से करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर जा रहा भारतीय ध्वज वाला टैंकर ‘लीला वादिनार’ सुरक्षा कारणों से होर्मुज के पास से वापस लौट गया।
ईरान का दावा- पुलों को बनाया गया निशाना
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने आरोप लगाया कि अमेरिकी हमलों में मशहद जाने वाले प्रमुख पुलों को भी निशाना बनाया गया। उनका दावा है कि यह हमला धार्मिक समारोहों को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया।
ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी दावा किया कि गोलिस्तान प्रांत के एक रेलवे ब्रिज पर कई मिसाइलें दागी गईं, जिससे रेल ट्रैक को नुकसान पहुंचा।
तेल बाजार में फिर बढ़ी हलचल
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दिया।
ब्रेंट क्रूड करीब 1 प्रतिशत बढ़कर 78.80 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
डब्ल्यूटीआई (WTI) क्रूड भी लगभग 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 74.26 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव और बढ़ता है तो वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है, जिससे कीमतों में और उछाल आ सकता है।
बहरीन और कुवैत में हाई अलर्ट
अमेरिकी हमलों के बाद गुरुवार तड़के बहरीन में एयर रेड सायरन बजाए गए। गृह मंत्रालय ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
वहीं, कुवैत की सेना ने बताया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए कार्रवाई की। हालांकि दोनों देशों ने हमलों के स्रोत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
ट्रम्प बोले- समझौता करना चाहता है ईरान
एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान ने हाल ही में अमेरिका से संपर्क कर समझौते की इच्छा जताई थी। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है कि ईरान किसी भी समझौते का पालन करेगा।


