तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच तेहरान ने दावा किया है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने अमेरिकी MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक, एयर डिफेंस यूनिट ने ड्रोन की पहचान कर उसे इंटरसेप्ट किया और बाद में नष्ट कर दिया। हालांकि, अमेरिका की ओर से इस दावे पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह होर्मुज स्ट्रेट में किसी भी तरह का सैन्य हस्तक्षेप न करे। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अगर अमेरिकी हमले जारी रहे तो इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से सामान्य आवाजाही प्रभावित होगी, जिसका असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है।
अमेरिका का दावा- ईरान के 170 से ज्यादा ठिकानों पर हमला
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने मंगलवार और बुधवार को ईरान के 170 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज सेंटर, सैन्य स्पीड बोट तथा होर्मुज स्ट्रेट के आसपास मौजूद रणनीतिक ठिकाने शामिल हैं।
अमेरिका के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और क्षेत्र में अमेरिकी हितों की रक्षा करना है।
ईरान के कई इलाकों में धमाके, अमेरिका ने हमले से किया इनकार
ईरान के दक्षिणी हिस्सों में गुरुवार को कई जगह विस्फोटों की खबर सामने आई। सरकारी मीडिया के अनुसार, बुशहर परमाणु संयंत्र के आसपास, कोनारक और सीरिक क्षेत्रों में धमाके हुए।
ईरान ने इन घटनाओं के लिए दुश्मन को जिम्मेदार बताया, लेकिन किसी देश का नाम नहीं लिया। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि इन ताजा हमलों में अमेरिकी सेना शामिल नहीं थी और वॉशिंगटन अभी भी कूटनीतिक समाधान के पक्ष में है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका इन हमलों में शामिल नहीं है तो इसके पीछे इजराइल की भूमिका हो सकती है, हालांकि किसी भी पक्ष ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
होर्मुज स्ट्रेट में तेल टैंकरों की आवाजाही प्रभावित
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है, जिससे दुनिया भर में तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का परिवहन होता है।
ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया
ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागीं। हालांकि, इन देशों ने दावा किया कि उनकी एयर डिफेंस प्रणालियों ने कई मिसाइलों और ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया।
रिपोर्ट: इजराइल ने ट्रम्प को ईरानी खतरे की जानकारी दी थी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजराइल ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को खुफिया जानकारी दी थी कि ईरान उनकी हत्या की योजना बना सकता है। हालांकि, अमेरिकी सरकार और ईरान दोनों ने इन रिपोर्टों पर आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है।
इससे पहले भी अमेरिका ईरान पर ट्रम्प के खिलाफ साजिश रचने के आरोप लगा चुका है।
दो दिन के हमलों के बाद अमेरिका ने रोकी नई एयरस्ट्राइक
ईरान पर लगातार दो दिन हमले करने के बाद अमेरिका ने गुरुवार को कोई नई बड़ी एयरस्ट्राइक नहीं की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन अब तनाव कम करने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत की संभावना तलाश रहा है।
कतर, पाकिस्तान और अन्य क्षेत्रीय देशों के जरिए दोनों देशों के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं।


