इस्लामाबाद। पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत में मंगलवार को आतंकवादियों ने एक बांध परियोजना की सुरक्षा में तैनात पुलिस चेकपोस्ट पर बड़ा हमला कर दिया। इस हमले में कम से कम 9 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और आतंकियों की तलाश में संयुक्त अभियान चलाया जा रहा है।
जिला अधिकारी अब्दुल कुदूस के अनुसार, मंगी बांध परियोजना की सुरक्षा कर रहे पुलिस चेकपोस्ट को बंदूकधारियों ने निशाना बनाया। हमले में कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मारे गए। बलूचिस्तान सरकार ने भी मृतकों की संख्या की पुष्टि की है और प्रारंभिक जांच में इस हमले के लिए इस्लामी आतंकवादियों को जिम्मेदार बताया है।
सुरक्षा बलों का संयुक्त अभियान शुरू
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने बताया कि घटना के तुरंत बाद अर्धसैनिक बल, पुलिस और आतंकवाद-रोधी इकाइयों ने संयुक्त अभियान शुरू कर दिया है। प्रभावित क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है और लापता पुलिसकर्मियों की खोज की जा रही है।
बलूचिस्तान में क्यों बढ़ रहे हैं आतंकी हमले?
खनिज संसाधनों से समृद्ध बलूचिस्तान लंबे समय से हिंसा और अलगाववादी गतिविधियों का केंद्र रहा है। यह प्रांत अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से सटा हुआ है। यहां सक्रिय आतंकी और उग्रवादी संगठन अक्सर सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और विदेशी निवेश से जुड़ी परियोजनाओं को निशाना बनाते हैं।
सीमा पार आतंकवाद को लेकर पाकिस्तान का दावा
पाकिस्तान का आरोप है कि हाल के वर्षों में सीमावर्ती इलाकों में बढ़े कई आतंकी हमलों की योजना अफगानिस्तान की सीमा से संचालित होती है। हालांकि, अफगानिस्तान की तालिबान सरकार इन आरोपों को लगातार खारिज करती रही है। इस बीच, पाकिस्तान द्वारा अफगान सीमा के भीतर किए गए हवाई हमलों को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है।
घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और पूरे इलाके में व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।


