तेहरान/वाशिंगटन डीसी। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने बुधवार को बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले करने का दावा किया है। ईरान के अनुसार, उसने अमेरिकी ठिकानों पर कुल 21 हमले किए, हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि नुकसान को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा कि ये हमले हाल ही में अमेरिका द्वारा किए गए सैन्य अभियानों के जवाब में किए गए हैं। इससे पहले अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के निकट ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल सेंटर और निगरानी रडार ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
तनाव की शुरुआत सोमवार को हुई, जब होर्मुज स्ट्रेट के पास अमेरिकी सेना का AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। अगले दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस घटना के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि अमेरिका इसका जवाब देगा तथा दोषियों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि ईरान ने हेलिकॉप्टर गिराने में किसी भी भूमिका से इनकार किया है।
अमेरिका के जवाबी हमले
अपाचे हेलिकॉप्टर हादसे के बाद अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ये कार्रवाई क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने और संभावित खतरों को रोकने के लिए की गई।
ट्रम्प का बड़ा दावा
इस बीच, एक रिपब्लिकन रैली को संबोधित करते हुए ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ रणनीतिक बढ़त बनाए हुए है। उन्होंने दावा किया कि अगले दो सप्ताह के भीतर अमेरिका “पूरी जीत” की घोषणा कर सकता है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि क्षेत्र में स्थिरता आने से वैश्विक तेल कीमतों पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
इजराइल ने दी नई चेतावनी
इजराइली सेना प्रमुख एयाल जामिर ने कहा कि हालिया सैन्य अभियान केवल शुरुआत है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आवश्यकता पड़ी तो इजराइल ईरान के खिलाफ और बड़े तथा व्यापक हमले करने के लिए तैयार है।
ट्रम्प और नेतन्याहू के रिश्तों पर सवाल
ईरान-इजराइल तनाव के बीच अमेरिका और इजराइल के शीर्ष नेतृत्व के बीच मतभेदों की चर्चा भी तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ट्रम्प ने इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को संघर्ष को और अधिक न बढ़ाने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों नेताओं के बीच रणनीतिक मतभेद अब खुलकर सामने आने लगे हैं।
अपाचे हेलिकॉप्टर हादसे की जांच जारी
होर्मुज स्ट्रेट के पास समुद्र में गिरे अमेरिकी AH-64 अपाचे हेलिकॉप्टर के दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अमेरिकी सेना ने बचाव अभियान में पहली बार समुद्री ड्रोन बोट का इस्तेमाल किया। हादसे के कारणों की जांच अभी जारी है। मध्य पूर्व में तेजी से बदलते हालात ने वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच तनाव कम नहीं हुआ तो क्षेत्र में व्यापक अस्थिरता पैदा हो सकती है।


