वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान तनाव को लेकर अपना पुराना दावा दोहराया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच संभावित युद्ध को 200 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चेतावनी देकर टलवाया था। हालांकि भारत सरकार पहले भी इस दावे को पूरी तरह खारिज कर चुकी है और स्पष्ट कर चुकी है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से नहीं, बल्कि दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच हुई बातचीत का नतीजा था।
सीएनबीसी को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कुल आठ संभावित युद्ध रुकवाए, जिनमें से पांच मामलों में केवल टैरिफ की धमकी देकर तनाव कम कराया गया। उन्होंने भारत और पाकिस्तान का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देश युद्ध के बेहद करीब पहुंच चुके थे, लेकिन आर्थिक दबाव की चेतावनी के बाद हालात सामान्य हो गए।
बोले- टैरिफ नहीं मानते तो युद्ध जारी रहता
ट्रंप ने इंटरव्यू में कहा, “मैंने भारत और पाकिस्तान से साफ कहा था कि अगर आप लड़ाई जारी रखते हैं तो मैं दोनों देशों पर 200 प्रतिशत टैरिफ लगा दूंगा। इसके बाद दोनों देशों ने तनाव कम कर दिया।”
उन्होंने दावा किया कि दोनों परमाणु शक्ति संपन्न देशों के बीच हालात बेहद गंभीर थे और किसी भी समय युद्ध शुरू हो सकता था। ट्रंप ने कहा कि व्यापारिक प्रतिबंधों की चेतावनी ने संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाई।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का भी किया जिक्र
ट्रंप ने अपने बयान में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि शहबाज शरीफ ने उनकी भूमिका की सराहना करते हुए कहा था कि युद्ध टलने से करोड़ों लोगों की जान बच गई।
इतना ही नहीं, ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान तनाव के दौरान 11 विमान मार गिराए गए थे और दोनों देश व्यापक सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ रहे थे। हालांकि उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक साक्ष्य या दस्तावेज पेश नहीं किया।
भारत ने पहले ही खारिज किया था दावा
ट्रंप के इस दावे को भारत सरकार पहले भी कई बार खारिज कर चुकी है। भारत का स्पष्ट रुख है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पैदा हुए सैन्य तनाव के बाद जो संघर्ष विराम हुआ, वह दोनों देशों के डीजीएमओ (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस) के बीच सीधे संवाद का परिणाम था।
भारत लगातार यह भी दोहराता रहा है कि पाकिस्तान से जुड़े सभी मुद्दे द्विपक्षीय हैं और इनमें किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाती। इसलिए ट्रंप के दावों को भारत ने कभी आधिकारिक मान्यता नहीं दी।
टैरिफ नीति को बना रहे कूटनीतिक हथियार
हाल के महीनों में ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि टैरिफ केवल व्यापारिक नीति नहीं, बल्कि एक प्रभावी कूटनीतिक हथियार भी है। उनका दावा है कि आर्थिक दबाव के जरिए कई अंतरराष्ट्रीय विवादों को बिना युद्ध के सुलझाया जा सकता है। हालांकि भारत-पाकिस्तान मामले में उनका दावा लगातार विवादों में रहा है और भारत इसे तथ्यों से परे बताता आया है।


