तेहरान/वॉशिंगटन। अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिका ने लगातार आठवीं रात ईरान के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि इन हमलों को उन्होंने स्वयं मंजूरी दी थी और यह कार्रवाई जॉर्डन में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस अभियान में ईरान के सैन्य अड्डों, हथियारों के भंडार और लॉजिस्टिक्स सेंटर को निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेना का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों के लिए खतरा पैदा करने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।
हालांकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में पुलों और डिसैलिनेशन प्लांट पर भी हमलों का दावा किया गया है, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वहीं, संघर्ष के दौरान दो और अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद इस युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है।
पिछले 24 घंटे की 5 बड़ी घटनाएं
1. अमेरिका के साथ समझौते से पीछे हटा ईरान
ईरान ने अमेरिका के साथ एक महीने पहले हुए समझौते से हटने का ऐलान किया है। ईरान के उप विदेश मंत्री ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने पहले समझौते का उल्लंघन किया, इसलिए अब तेहरान भी उसकी शर्तों का पालन नहीं करेगा।
2. अमेरिकी हमलों में 50 मौतों का दावा
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, 27 जून से 18 जुलाई के बीच अमेरिकी हवाई हमलों में 50 लोगों की मौत हुई है, जबकि 500 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
3. डिसैलिनेशन प्लांट बने निशाना
कुवैत ने आरोप लगाया कि ईरान ने उसके एक डिसैलिनेशन प्लांट पर हमला किया है। वहीं ईरान ने दावा किया कि अमेरिका ने होर्मोजगान प्रांत में स्थित एक डिसैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया।
4. दो पुल क्षतिग्रस्त
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी हमलों में बंदर अब्बास-रूदान मार्ग के दो पुल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा जस्क के निकट भी सैन्य कार्रवाई की गई।
5. होर्मुज से जहाजों की आवाजाही घटी
शिप ट्रैकिंग वेबसाइट मरीन ट्रैफिक के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या तीन सप्ताह के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। गुरुवार को यहां से केवल आठ जहाज गुजरे।
अमेरिकी नागरिकों के लिए वैश्विक एडवाइजरी
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने दुनिया भर में रह रहे और यात्रा कर रहे अमेरिकी नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी कर अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। मंत्रालय ने मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और हालात के अचानक बिगड़ने की आशंका जताई है। यह एडवाइजरी ताजा अमेरिकी हवाई हमलों से पहले जारी की गई थी।
कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले का दावा
ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने जवाबी कार्रवाई में कुवैत के कैंप अल-उदेरी स्थित अमेरिकी गोला-बारूद डिपो और अली अल-सलेम एयर बेस पर मौजूद पैट्रियट तथा एयर सर्विलांस रडार को ड्रोन से निशाना बनाया। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
केश्म द्वीप के पास भी अमेरिकी कार्रवाई
ईरान की मेहर न्यूज एजेंसी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने केश्म द्वीप के पास एक स्थान पर हमला किया। एजेंसी का दावा है कि इस हमले में कोई नागरिक हताहत नहीं हुआ और न ही किसी रिहायशी या व्यावसायिक ढांचे को नुकसान पहुंचा।


