SAI ने मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों और स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड से मांगी जानकारी
नई दिल्ली। देश में खेलों का स्तर बेहतर बनाने के लिए खेल मंत्रालय और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने नई पहल शुरू की है। इसके तहत विभिन्न सरकारी विभागों, केंद्रीय मंत्रालयों, सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) और स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड में स्पोर्ट्स कोटे से नियुक्त खिलाड़ियों का राष्ट्रीय डेटाबेस तैयार किया जाएगा। उद्देश्य इन खिलाड़ियों के अनुभव और विशेषज्ञता का उपयोग कोचिंग, प्रशिक्षण और नई प्रतिभाओं को तैयार करने में करना है।
SAI ने सभी संबंधित विभागों से ऐसे खिलाड़ियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है। डेटाबेस तैयार होने के बाद खिलाड़ियों को उनकी योग्यता और अनुभव के आधार पर विभिन्न खेल गतिविधियों से जोड़ा जाएगा।
विशेषज्ञता के अनुसार मिलेगी जिम्मेदारी
खेल मंत्री मनसुख मांडविया पहले भी कह चुके हैं कि देश में प्रशिक्षित कोचों की कमी है। इसी को ध्यान में रखते हुए SAI सरकारी सेवा में कार्यरत खिलाड़ियों को उनकी विशेषज्ञता के अनुसार कोचिंग, प्रशिक्षण, प्रतिभा खोज और खिलाड़ियों के मार्गदर्शन जैसे कार्यों में शामिल करने की योजना बना रहा है।
जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों को प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर भी बुलाया जा सकेगा। इसके अलावा खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत उन्हें खेल अकादमियों की जिम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है।
पसंदीदा कार्यस्थल की भी ली जाएगी जानकारी
SAI के महानिदेशक हरिरंजन राव ने पिछले महीने विभिन्न स्पोर्ट्स प्रमोशन बोर्ड के अध्यक्षों के साथ बैठक कर इस योजना पर चर्चा की थी। अधिकारियों को बताया गया कि सरकारी विभागों में कार्यरत खिलाड़ियों की विशेषज्ञता का अधिकतम उपयोग किया जाएगा।
इसके साथ ही कोचिंग और प्रशिक्षण से जुड़ने के इच्छुक खिलाड़ियों से उनकी पसंदीदा नियुक्ति का स्थान भी पूछा गया है, ताकि उन्हें सुविधाजनक स्थान पर जिम्मेदारी दी जा सके।


