न्यू जर्सी (न्यूयॉर्क)। फुटबॉल के महानतम खिलाड़ियों में शामिल लियोनेल मेसी के करियर का सबसे भावुक अध्याय एक बार फिर मेटलाइफ स्टेडियम में लिखा गया। जिस मैदान पर 2016 में कोपा अमेरिका फाइनल हारने के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने का ऐलान किया था, उसी स्टेडियम में 10 साल बाद 2026 फीफा वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना की हार ने उनके सुनहरे विदाई के सपने को तोड़ दिया।
स्पेन ने रोमांचक फाइनल में अतिरिक्त समय के 106वें मिनट में फेर्रान टोरेस के गोल की बदौलत अर्जेंटीना को 1-0 से हराकर दूसरी बार फीफा विश्व कप का खिताब जीत लिया। अंतिम सीटी बजते ही मेसी की आंखें नम हो गईं और मेटलाइफ स्टेडियम एक बार फिर उनके करियर की दर्दनाक यादों का गवाह बन गया।
2016 में इसी मैदान पर लिया था संन्यास का फैसला
26 जून 2016 को कोपा अमेरिका फाइनल में चिली से पेनाल्टी शूटआउट में हारने के बाद मेसी ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास लेने की घोषणा कर पूरी दुनिया को चौंका दिया था। हालांकि अर्जेंटीना के प्रशंसकों और साथियों के आग्रह पर उन्होंने कुछ समय बाद वापसी की।
वापसी के बाद मेसी ने अपने करियर की लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 2021 और 2024 में कोपा अमेरिका, 2022 में फाइनलिसिमा और उसी वर्ष अर्जेंटीना को फीफा विश्व कप का खिताब जिताकर अपने करियर को नई ऊंचाई दी।
10 साल बाद नहीं मिली सपनों जैसी विदाई
19 जुलाई 2026 को मेसी तीसरी बार विश्व कप फाइनल खेलने के लिए फिर मेटलाइफ स्टेडियम पहुंचे। उम्मीद थी कि यह मुकाबला उनके शानदार करियर की यादगार विदाई बनेगा, लेकिन स्पेन की मजबूत रणनीति और अनुशासित खेल ने अर्जेंटीना को पूरे मैच में दबाव में रखा।
निर्धारित समय तक मुकाबला गोलरहित रहने के बाद अतिरिक्त समय में फेर्रान टोरेस ने निर्णायक गोल दागकर स्पेन को विश्व विजेता बना दिया। इसके साथ ही अर्जेंटीना का लगातार दूसरा विश्व कप जीतने का सपना अधूरा रह गया।
रिकॉर्ड भी नहीं बना सके मेसी
मेसी ने पूरे टूर्नामेंट में आठ गोल किए और विश्व कप में अपने कुल गोलों की संख्या 21 तक पहुंचाई। हालांकि वह फ्रांस के स्टार स्ट्राइकर किलियन एमबाप्पे (22 गोल) को पीछे नहीं छोड़ सके। एमबाप्पे ने 10 गोल के साथ गोल्डन बूट अपने नाम किया, जबकि स्पेन के कप्तान रोड्री को गोल्डन बॉल पुरस्कार मिला।
एक मैदान, दो दर्दनाक यादें
मेटलाइफ स्टेडियम अब मेसी के करियर का ऐसा अध्याय बन गया है, जिसे फुटबॉल इतिहास हमेशा याद रखेगा। 2016 में यहीं उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया था और 2026 में इसी मैदान पर विश्व कप जीतकर विदाई लेने का सपना टूट गया। एक ही स्टेडियम पर महान खिलाड़ी के करियर की दो सबसे भावुक हार दर्ज होना फुटबॉल इतिहास की दुर्लभ घटनाओं में शामिल हो गया।


