नई दिल्ली। भारतीय पुरुष फुटबॉल टीम अपने इतिहास में पहली बार न्यूजीलैंड दौरे पर जाएगी। अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) ने शनिवार को घोषणा की कि भारतीय टीम नवंबर 2026 में मेजबान न्यूजीलैंड के खिलाफ दो अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मुकाबले खेलेगी। यह दौरा भारतीय फुटबॉल के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है, क्योंकि टीम पहली बार न्यूजीलैंड की सरजमीं पर अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेगी।
ऑकलैंड और क्राइस्टचर्च में होंगे मुकाबले
दोनों मैच फीफा इंटरनेशनल मैच विंडो के दौरान आयोजित किए जाएंगे। पहला मुकाबला 12 नवंबर 2026 को ऑकलैंड के गो मीडिया स्टेडियम में खेला जाएगा, जबकि दूसरा मैच 15 नवंबर 2026 को क्राइस्टचर्च के वन न्यूजीलैंड स्टेडियम में होगा।
यह भारत का 2005 के बाद किसी ओशिनिया फुटबॉल परिसंघ (OFC) सदस्य देश का पहला दौरा भी होगा। इससे पहले भारतीय टीम ने 2005 में फिजी के खिलाफ दो अंतरराष्ट्रीय फ्रेंडली मैच खेले थे।
भारत-न्यूजीलैंड के बीच अब तक दो मुकाबले
भारत और न्यूजीलैंड की फुटबॉल टीमें अब तक दो बार आमने-सामने आ चुकी हैं।
1981 मर्डेका टूर्नामेंट (मलेशिया): मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा।
2018 इंटरकॉन्टिनेंटल कप (मुंबई): न्यूजीलैंड ने भारत को 2-1 से हराया।
ऐसे में नवंबर 2026 की यह सीरीज दोनों देशों के बीच तीसरी भिड़ंत होगी।
विश्व कप खेलने के बाद भारत से भिड़ेगा न्यूजीलैंड
न्यूजीलैंड की टीम हाल ही में फीफा विश्व कप 2026 में हिस्सा लेकर लौटी है। विश्व कप में उसने ईरान के खिलाफ ड्रॉ खेला, जबकि मिस्र और बेल्जियम जैसी मजबूत टीमों के खिलाफ मुकाबले खेले। ऐसे में भारतीय टीम के लिए यह दौरा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी तैयारियों और क्षमता को परखने का सुनहरा अवसर होगा।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान हुआ ऐलान
इन मुकाबलों की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की न्यूजीलैंड यात्रा के दौरान की गई। यह सीरीज भारत और न्यूजीलैंड के बीच ‘खेल के जरिए एकता के 100 साल’ कार्यक्रम के तहत आयोजित होने वाले खेल आयोजनों का हिस्सा होगी, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के खेल संबंधों को और मजबूत करना है।
मुख्य कोच खालिद जमील बोले-बड़ी चुनौती और सीखने का मौका
भारतीय टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने कहा कि विश्व स्तरीय टीमों के खिलाफ खेलना खिलाड़ियों के विकास के लिए बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड एक अनुशासित और मजबूत टीम है, जिसने हाल ही में फीफा विश्व कप में हिस्सा लिया है। उसके घरेलू मैदान पर खेलना भारतीय खिलाड़ियों के लिए बड़ी चुनौती होने के साथ-साथ सीखने का शानदार अवसर भी होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यह दौरा टीम की भविष्य की तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगा।


