न्यू जर्सी (न्यूयॉर्क)। करीब एक महीने तक चले रोमांच और 102 मुकाबलों के बाद FIFA विश्व कप 2026 अपने सबसे बड़े मुकाबले तक पहुंच गया है। फाइनल में मौजूदा चैंपियन अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा। भारतीय समयानुसार यह महामुकाबला 20 जुलाई की रात 12:30 बजे न्यूयॉर्क-न्यू जर्सी स्टेडियम में खेला जाएगा।
अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड को 2-1 से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई, जबकि स्पेन ने फ्रांस को 2-0 से मात देकर 2010 के बाद पहली बार विश्व कप फाइनल का टिकट हासिल किया।
इतिहास रचने के करीब अर्जेंटीना
यदि अर्जेंटीना इस मुकाबले में जीत दर्ज करता है तो वह लगातार दो विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनेगा। इससे पहले यह उपलब्धि ब्राजील ने 1958 और 1962 में हासिल की थी। दूसरी ओर स्पेन की नजर अपने दूसरे विश्व कप खिताब पर होगी।
मेसी फिर बने अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत
39 वर्षीय लियोनेल मेसी एक बार फिर अर्जेंटीना की सबसे बड़ी उम्मीद बनकर उभरे हैं। फाइनल से पहले वह 8 गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर हैं। गोल करने के अलावा उनकी सटीक पासिंग और असिस्ट ने टीम के आक्रमण को नई धार दी है।
सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ मेसी ने दो अहम असिस्ट देकर अर्जेंटीना की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके साथ जूलियन अल्वारेज़ और लाउतारो मार्टिनेज ने विपक्षी रक्षा पंक्ति पर लगातार दबाव बनाया, जबकि एंजो फर्नांडेज और एलेक्सिस मैक एलिस्टर ने मिडफील्ड को मजबूती दी।
अर्जेंटीना के 5 गेमचेंजर
- लियोनेल मेसी
- जूलियन अल्वारेज़
- एंजो फर्नांडेज
- एलेक्सिस मैक एलिस्टर
- एमिलियानो मार्टिनेज
नॉकआउट चरण में अर्जेंटीना ने मिस्र (3-2), स्विट्जरलैंड (3-1) और इंग्लैंड (2-1) को हराकर फाइनल तक का सफर तय किया।
स्पेन की सबसे बड़ी ताकत उसकी अभेद्य डिफेंस
स्पेन का फाइनल तक का सफर शानदार रहा है। टीम ने पूरे टूर्नामेंट में फाइनल से पहले सिर्फ एक गोल खाया है। नॉकआउट मुकाबलों में स्पेन ने ऑस्ट्रिया (3-0), पुर्तगाल (1-0), बेल्जियम (2-1) और फ्रांस (2-0) को हराया।
गोलकीपर उनाई सिमोन ने कई मौकों पर शानदार बचाव कर टीम को मजबूत आधार दिया है। स्पेन की संगठित रक्षात्मक रणनीति अर्जेंटीना के आक्रमण के लिए बड़ी चुनौती होगी।
स्पेन के 5 गेमचेंजर
- लामिन यमाल
- रोड्री
- पेड्री
- निको विलियम्स
- उनाई सिमोन
यमाल की गति और ड्रिब्लिंग, रोड्री का मिडफील्ड नियंत्रण, पेड्री की रचनात्मकता और निको विलियम्स की विंग प्ले स्पेन की सबसे बड़ी ताकत मानी जा रही है।
मेसी बनाम स्पेन की दीवार
फाइनल का सबसे बड़ा आकर्षण लियोनेल मेसी और स्पेन की मजबूत डिफेंस के बीच मुकाबला होगा। जहां अर्जेंटीना के पास टूर्नामेंट का सबसे प्रभावशाली गोलस्कोरर है, वहीं स्पेन ने पूरे अभियान में केवल एक गोल खाया है।
दूसरी ओर, लामिन यमाल स्पेन की नई पीढ़ी के सुपरस्टार के रूप में उभरे हैं। उनका और मेसी का बार्सिलोना तथा ला मासिया से जुड़ाव इस मुकाबले को और भी खास बनाता है।
दो अपराजित टीमों के बीच होगा खिताबी संघर्ष
अर्जेंटीना ने अब तक अपने सभी सात मुकाबले जीते हैं, जबकि स्पेन छह जीत और एक ड्रॉ के साथ अपराजित है। अर्जेंटीना के कोच लियोनेल स्कालोनी की रणनीतिक लचीलापन और स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते की संतुलित फुटबॉल शैली इस फाइनल को बेहद रोमांचक बना रही है।
अब पूरी दुनिया की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या लियोनेल मेसी अपने शानदार अंतरराष्ट्रीय करियर में लगातार दूसरा विश्व कप जीतकर नया इतिहास रचेंगे, या फिर लामिन यमाल और युवा स्पेनिश टीम विश्व फुटबॉल में नए युग की शुरुआत करेगी।


