नई दिल्ली। अगले महीने राजधानी नई दिल्ली में आयोजित होने जा रही BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट से पहले केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने शनिवार को आधिकारिक मैस्कॉट ‘पीको’ और चैंपियनशिप के आधिकारिक एंथम का अनावरण किया। इस अवसर पर बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) के अध्यक्ष और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित खेल जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।
‘पीको’ मैस्कॉट में दिखी भारतीय संस्कृति की झलक
17 से 23 अगस्त तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिए तैयार किए गए आधिकारिक मैस्कॉट ‘पीको’ को भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर से प्रेरित होकर डिजाइन किया गया है। इसके परिधान में बैडमिंटन के शटलकॉक की आकृति को भी शामिल किया गया है, जो भारतीय पहचान और खेल भावना का प्रतीक है।
एंथम में दिखे भारत के स्टार शटलर
चैंपियनशिप के आधिकारिक एंथम में भारत की 16 सदस्यीय टीम को शामिल किया गया है। इसमें दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी, चिराग शेट्टी सहित सभी प्रमुख भारतीय खिलाड़ी नजर आएंगे।
खेल मंत्री बोले- भारत बन रहा है खेल महाशक्ति
कार्यक्रम में केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक खेल महाशक्ति बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि देश 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए प्रयासरत है और पिछले दो वर्षों में 36 अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी कर चुका है।
उन्होंने कहा कि 17 साल बाद BWF विश्व चैंपियनशिप का भारत लौटना देश के लिए गर्व का विषय है। इससे भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर मिलेगा और दुनिया के सामने भारत की आयोजन क्षमता भी प्रदर्शित होगी।
50 देशों के 400 खिलाड़ी लेंगे हिस्सा
विश्व चैंपियनशिप के 30वें संस्करण में 50 से अधिक देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ी भाग लेंगे। भारतीय अभियान की अगुवाई पीवी सिंधु करेंगी। यदि सिंधु इस बार भी पदक जीतती हैं तो वह विश्व चैंपियनशिप के इतिहास की सबसे सफल पदक विजेता खिलाड़ियों में शामिल हो जाएंगी।
इन भारतीय खिलाड़ियों पर रहेंगी निगाहें
भारत की ओर से लक्ष्य सेन, सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी-चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी, आयुष शेट्टी, उन्नति हुड्डा तथा महिला युगल जोड़ी गायत्री गोपीचंद और त्रेसा जॉली से भी शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया ऐतिहासिक अवसर
बीएआई अध्यक्ष हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि 17 वर्षों बाद विश्व चैंपियनशिप का भारत लौटना भारतीय बैडमिंटन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। उनके अनुसार, भारत आज दुनिया की प्रमुख बैडमिंटन ताकतों में शामिल है और यह टूर्नामेंट नई पीढ़ी को बैडमिंटन अपनाने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि ‘पीको’ मैस्कॉट और आधिकारिक एंथम इसी अभियान की शुरुआत हैं।
कार्यक्रम में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के महानिदेशक हरि रंजन राव, मुख्य राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद और बैडमिंटन जगत के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।


