शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की जमानत बरकरार
प्रयागराज। जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को यौन उत्पीडन मामले में राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने बटुकों के यौन उत्पीडन मामले में दायर याचिका को शुक्रवार को सुनवाई कर खारिज कर दिया। नाबालिग बटुकों के साथ कथित यौन शोषण और पॉक्सो एक्ट के मामले में शिकायतकर्ता आशुतोष ब्रह्मचारी ने यह याचिका दायर की थी।
25 मार्च को शंकराचार्य और उनके शिष्य मुकुंदानंद को इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिली थी। इसके बाद आशुतोष महाराज ने फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी थी। आशुतोष महाराज ने शंकराचार्य को मिली अग्रिम जमानत को रद्द करने की मांग की थी। जिस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।
दरअसल, तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने 8 फरवरी को जिला कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। जज (रेप एंड पोक्सो स्पेशल कोर्ट) विनोद कुमार चौरसिया के आदेश के बाद झूंसी थाने की पुलिस ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ बटुकों से कुकर्म की 21 फरवरी को एफआईआर दर्ज की थी।


