भोपाल। ट्विशा शर्मा मौत मामले में आरोपी समर्थ की फरारी की जांच में सीबीआई को अहम जानकारी मिली है। जांच के अनुसार, 15 मई को एफआईआर दर्ज होने के बाद समर्थ तीन दिन तक भोपाल में रहा और उसके बाद जबलपुर पहुंचकर पांच दिन फरारी में रहा।
सीबीआई अब उसकी इस अवधि के संपर्कों, गतिविधियों और संभावित मददगारों की विस्तृत पड़ताल कर रही है। जांच में ट्विशा को गर्भपात की सलाह देने वाले डॉक्टर को भी तलब किया गया है, ताकि प्रेग्नेंसी को लेकर कही गई बातों की सच्चाई सामने आ सके।
आत्महत्या या हत्या?
समर्थ लगातार मौत को आत्महत्या बता रहा है, लेकिन सुसाइड के कारण स्पष्ट नहीं कर पा रहा। सीबीआई घटनास्थल, मारपीट के संकेत, मोबाइल और डिजिटल साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अगर आत्महत्या थी तो इसका तत्काल कारण क्या था और अगर हत्या हुई, तो घटनाक्रम क्या रहा।
फरारी में मददगारों की तलाश
सीबीआई समर्थ के मोबाइल कॉल, चैट, बैंकिंग और लोकेशन डेटा की पड़ताल कर रही है। यह देखने की कोशिश की जा रही है कि फरारी के दौरान उसे कौन-से लोग प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से मदद कर सकते थे। जिनकी भूमिका साबित होगी, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटनास्थल से अस्पताल तक की पूरी टाइमलाइन
सीबीआई यह भी जान रही है कि ट्विशा को सबसे पहले कौन-कौन देखा, फंदे से किसने उतारा और उसे अस्पताल तक कैसे ले जाया गया। जांच एजेंसी इलेक्ट्रॉनिक और फोरेंसिक सबूतों के आधार पर घटनाक्रम की सटीक टाइमलाइन तैयार कर रही है।


