भोपाल। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का शुक्रवार सुबह भोपाल के एम्स में निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार थीं। उनके निधन से परिवार और शुभचिंतकों में शोक की लहर है। शुक्रवार को उनके गृह ग्राम जैत में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिवार के सदस्य और करीबी लोग, मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित मप्र सरकार के मंत्री और नेता मौजूद रहे।
काशीबाई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक भोपाल के साकेत नगर स्थित निवास पर रखा गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को सीहोर जिले के जैत ले जाया गया, जहां दोपहर 3 बजे अंतिम संस्कार किया गया।
शिवराज के पिता ने किया था दूसरा विवाह
शिवराज सिंह चौहान की जैविक मां का नाम सुंदरबाई चौहान था। शिवराज के बचपन में ही उनका निधन हो गया था। इसके बाद उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने दूसरा विवाह किया था। काशीबाई उनकी दूसरी मां थीं। जानकारी के अनुसार, काशीबाई से उनके एक पुत्र वरुण का जन्म हुआ था। वहीं सुंदरबाई से शिवराज सिंह चौहान, नरेंद्र सिंह, रोहित सिंह और बेटी शशि हैं।
मुख्यमंत्री समेत नेताओं ने जताया शोक
काशीबाई के निधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा सभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री चंद्रशेखर ने शोक व्यक्त किया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा कि मां का साया उठना जीवन की ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं।
वहीं, राजेंद्र शुक्ल ने काशीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिवार को दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल ने भी कहा कि मां का निधन जीवन की सबसे बड़ी क्षति है।


