भोपाल। राजधानी भोपाल के स्कूलों, कॉलेजों और हॉस्टलों में संचालित कैंटीन व मेस के भोजन की गुणवत्ता अब खाद्य सुरक्षा विभाग जांचेगा। इसके लिए प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की दो टीमें गठित की हैं। टीमें भोजन की गुणवत्ता, खाद्य सामग्री की सुरक्षित रखरखाव व्यवस्था और साफ-सफाई का निरीक्षण करेंगी। हाल ही में हॉस्टलों में दूषित भोजन मिलने और विद्यार्थियों के बीमार पड़ने की दो घटनाओं के बाद प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
अक्टूबर में पंचशील नगर स्थित अनुसूचित जाति कन्या कॉलेज के हॉस्टल में परोसे गए भोजन में कीड़े मिलने से हंगामा हुआ था। वहीं, मुगालिया छाप स्थित श्रमोदय आवासीय विद्यालय के बालक छात्रावास में आलू की सब्जी में मरी हुई छिपकली मिली थी। दूषित भोजन खाने से करीब 13 विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
कलेक्टर की बैठक के बाद जांच का फैसला
इन घटनाओं के बाद कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने समीक्षा बैठक बुलाई थी। 12 अक्टूबर को खाद्य सुरक्षा की जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक में स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों की कैंटीन-मेस की जांच के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की दो टीमें गठित की गईं।
पहली टीम में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जेपी तवंशी, वर्षा व्यास और अर्चना प्रमाकर शामिल हैं। दूसरी टीम में जगदीश विश्वकर्मा, साधना सक्सेना और पूजा शाक्य को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
भोजन की गुणवत्ता से लेकर चूहों से सुरक्षा तक होगी जांच
जांच के दौरान टीमें कई बिंदुओं पर ध्यान देंगी। इनमें खाद्य सामग्री और तैयार भोजन को कीटों, चूहों तथा अन्य संभावित प्रदूषण से बचाने के इंतजाम प्रमुख हैं। इसके अलावा विद्यार्थियों को परोसे जा रहे भोजन की ताजगी, गुणवत्ता और सुरक्षित वितरण व्यवस्था भी देखी जाएगी।
खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाएंगे। भोजन तैयार करने और भंडारण की व्यवस्था का भी निरीक्षण किया जाएगा।
गड़बड़ी मिलने पर होगी वैधानिक कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित संस्थान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और उसके तहत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अनुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


