नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने दिल्ली समेत छह राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्यक्रम संशोधित किया है। दिल्ली, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और नागालैंड के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के अनुरोध पर आयोग ने समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र और नागालैंड में 30 नवंबर 2026 तक एसआईआर की प्रक्रिया पूरी कर अंतिम मसौदा मतदाता सूची जारी की जाएगी। वहीं, दिल्ली में पुनरीक्षण की प्रक्रिया के लिए 22 दिसंबर 2026 की समयसीमा निर्धारित की गई है। इस दिन दिल्ली की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
तेलंगाना में दावों और आपत्तियों से संबंधित नोटिस तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया 17 अगस्त से शुरू हुई थी। अब इसे 30 नवंबर तक बढ़ाया गया है। आंध्र प्रदेश में यह प्रक्रिया 31 जुलाई से चल रही है। यहां भी 30 नवंबर को अंतिम मसौदा मतदाता सूची जारी की जाएगी।
दिल्ली में दावों और आपत्तियों से संबंधित नोटिस तथा उनके निपटारे की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू हुई थी। संशोधित कार्यक्रम के तहत इसे 22 दिसंबर तक पूरा किया जाएगा। इसी दिन अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
विपक्ष के विरोध के बीच फैसला
चुनाव आयोग का यह निर्णय ऐसे समय आया है, जब मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग की पहल से जुड़ी बैठक प्रस्तावित है। वहीं, विपक्षी गठबंधन इंडिया एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कथित वोट चोरी के मुद्दे पर महारैली करने जा रहा है।
विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं और हरियाणा तथा महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों के विधानसभा चुनावों में चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। विपक्षी दल इस मुद्दे पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठा रहे हैं।


