भोपाल। मॉडल-अभिनेत्री ट्विषा शर्मा की मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। अदालत ने आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अब दोनों अगले 14 दिन के लिए जेल में रहेंगे।
सीबीआई ने मंगलवार दोपहर आरोपियों को विशेष अदालत में पेश किया। एजेंसी ने रिमांड बढ़ाने की मांग नहीं की, बल्कि दोनों को सीधे न्यायिक हिरासत में भेजने की सिफारिश की।
मामले की जांच और पूछताछ
सीबीआई ने पहले पांच दिन की रिमांड के दौरान गिरिबाला और समर्थ से पूछताछ की थी। जांच में ट्विषा की मौत से जुड़े साजिश के कई पहलुओं को जोड़ने के लिए समर्थ को दोबारा रिमांड पर लेना जरूरी माना जा रहा था। आरोपियों ने अपने ऊपर लगे मारपीट और सबूतों से छेड़छाड़ के आरोपों को खारिज किया है और कहा कि ट्विषा के साथ उनके संबंध सामान्य थे।
सुनवाई के दौरान गिरिबाला ने आरोप लगाया कि ट्विषा के वकील ने उनके बेटे के साथ जबलपुर कोर्ट में मारपीट की। इस पर वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि कोर्ट में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, और अगर ऐसा हुआ है तो फुटेज निकलवाकर जांच कर ली जाए।
साइबर और फोरेंसिक जांच
जांच के दौरान एक गंभीर लापरवाही भी सामने आई। जिस लिगेचर बेल्ट के सहारे ट्विषा फंदे पर लटकी मिली थीं, उसे तुरंत फोरेंसिक जांच के लिए नहीं भेजा गया। जांच अधिकारी एसआई दिनेश शर्मा ने इसे दो दिन तक अपनी कार में रखा। सीबीआई अब उन्हें पूछताछ के लिए नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है।
सोने के उपहारों की जब्ती की तैयारी
सीबीआई शादी के समय ट्विषा को मिले सोने के उपहार (स्त्रीधन) को जब्त करने की तैयारी भी कर रही है। इसके लिए एक जौहरी को बुलाया गया है, जो जेवरात की शुद्धता और वर्तमान मूल्य का आकलन करेगा। यह जब्ती दहेज प्रताड़ना और वित्तीय सबूत के रूप में केस डायरी में शामिल की जाएगी।


